जम्मू-कश्मीर: आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के मज़दूर दीपक रात्रे की मौत, गांव में मातम
जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में हुए एक आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के एक युवक की जान चली गई। मृतक की पहचान सक्ती जिले के बुंदेली गांव निवासी दीपक रात्रे के रूप में हुई है, जो करीब एक साल पहले रोज़गार की तलाश…
जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में हुए एक आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के एक युवक की जान चली गई। मृतक की पहचान सक्ती जिले के बुंदेली गांव निवासी दीपक रात्रे के रूप में हुई है, जो करीब एक साल पहले रोज़गार की तलाश में वहां गए थे। इस घटना के बाद से उनके पैतृक गांव में शोक का माहौल है।
समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार देर शाम कुलगाम जिले के केल्लम गांव में आतंकवादियों ने एक ईंट भट्ठे पर काम कर रहे मजदूरों को निशाना बनाया। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने पहले मजदूरों से उनकी पहचान और नाम पूछे और फिर उन पर अंधाधुंध गोलियां बरसानी शुरू कर दीं।
हमले का विवरण और दूसरा शिकार
इस गोलीबारी में 24 वर्षीय दीपक रात्रे की मौके पर ही मौत हो गई। हमले में एक अन्य मजदूर, 28 वर्षीय बोपिंदर भी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। दोनों को तुरंत अनंतनाग के सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने दीपक को मृत घोषित कर दिया। बोपिंदर को विशेष उपचार के लिए SKIMS रेफर किया गया, लेकिन शनिवार सुबह इलाज के दौरान उन्होंने भी दम तोड़ दिया।
परिवार और प्रशासन की प्रतिक्रिया
दीपक रात्रे अपने मामा के घर हरदीडीह (जैजैपुर) में पले-बढ़े और वहीं से उनकी शादी भी हुई थी। वह अपनी पत्नी और भाई के साथ कश्मीर में ईंट भट्ठे पर मजदूरी कर रहे थे। घटना की सूचना मिलते ही सक्ती जिला प्रशासन हरकत में आया और पुलिस की एक टीम को मृतक के परिजनों को सूचित करने के लिए भेजा गया। दीपक के पार्थिव शरीर को उनके गांव लाने के लिए प्रशासनिक समन्वय किया जा रहा है। परिवार में मातम पसरा है और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद देने की मांग की है।
इनपुट: IANS



