अमीरा प्योर फूड्स केस: ED की बड़ी कार्रवाई, सिंगापुर के बैंक खातों में जमा ₹94.76 करोड़ जब्त
केनरा बैंक के नेतृत्व वाले बैंकों के कंसोर्टियम से करीब 1201.85 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, ईडी ने अमीरा प्योर…
केनरा बैंक के नेतृत्व वाले बैंकों के कंसोर्टियम से करीब 1201.85 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, ईडी ने अमीरा प्योर फूड्स लिमिटेड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सिंगापुर के बैंक खातों में जमा 94.76 करोड़ रुपये की राशि को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है।
ईडी के गुरुग्राम जोनल ऑफिस ने यह कार्रवाई 25 मई को मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत एक प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी करके की। जब्त की गई रकम 10,034,819.01 अमेरिकी डॉलर के बराबर है। गुरुवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में एजेंसी ने बताया कि यह राशि बैंक ऑफ सिंगापुर में मौजूद खातों में जमा थी।
किसके थे ये विदेशी खाते?
जांच एजेंसी के अनुसार, जब्त किए गए बैंक बैलेंस मुख्य आरोपी करण चनाना, अमीरा फूड्स प्राइवेट लिमिटेड और अनंत्या प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर थे। इस कुर्की की सूचना यूनाइटेड किंगडम और सिंगापुर को म्यूचुअल लीगल असिस्टेंस ट्रीटी (एमएलएटी) के जरिए दी गई है।
क्या है पूरा मामला?
ब्रांडेड पैक्ड फूड, खासकर भारतीय बासमती चावल का कारोबार करने वाली अमीरा फूड्स ग्रुप ने केनरा बैंक के नेतृत्व वाले बैंकों के समूह से लगभग 1201.85 करोड़ रुपये का भारी कर्ज लिया था, जो 2017 में नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (एनपीए) बन गया। ईडी ने अपनी जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दर्ज एक एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। एफआईआर में आरोप लगाया गया था कि कंपनी ने अपने निदेशकों, प्रमोटरों और अन्य लोगों के साथ मिलकर फंड का दुरुपयोग कर बैंकों के साथ धोखाधड़ी की है।
ईडी की जांच में पाया गया कि कंपनी और उसके प्रमोटरों ने मनी लॉन्ड्रिंग का अपराध किया है, जिसके बाद इस मामले में 21 व्यक्तियों और कंपनियों के खिलाफ अभियोजन शिकायत भी दायर की जा चुकी है। इससे पहले 13 मार्च, 2024 को भी ईडी ने एक प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी कर कुछ संपत्तियां कुर्क की थीं।
देश छोड़कर भागे आरोपी
भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम, 2018 के तहत हुई जांच में यह भी सामने आया कि मामले के दो मुख्य आरोपी करण चनाना और अनीता डिंग भारत छोड़कर क्रमशः यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त अरब अमीरात में रह रहे हैं। ईडी के मुताबिक, वे जानबूझकर कानूनी प्रक्रिया का सामना करने के लिए भारत नहीं लौट रहे हैं, जिसके चलते दोनों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) भी जारी किए जा चुके हैं।
इनपुट: IANS



