झारखंड: बेरोजगारों के लिए बनी आय वृद्धि योजना क्यों ठप? हाईकोर्ट ने सरकार से 4 हफ्तों में जवाब मांगा
झारखंड में बेरोजगार युवाओं की आय बढ़ाने के उद्देश्य से 2015 में शुरू की गई एक सरकारी योजना के ठीक से लागू न होने पर झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। समाचार एजेंसी IANS की एक…
झारखंड में बेरोजगार युवाओं की आय बढ़ाने के उद्देश्य से 2015 में शुरू की गई एक सरकारी योजना के ठीक से लागू न होने पर झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकार को चार सप्ताह के भीतर विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
यह मामला 'आय वृद्धि योजना' के क्रियान्वयन में हो रही कथित लापरवाही से जुड़ा है, जिसके चलते पात्र युवाओं को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि प्रशासनिक देरी के कारण योजना अपने उद्देश्य को पूरा करने में विफल हो रही है। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 1 अक्टूबर की तारीख तय की है।
रांची में 2023 से नहीं मिला लाभ
याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए अधिवक्ताओं, अपराजिता भारद्वाज और आकाश अजीत कुमार ने अदालत को बताया कि खास तौर पर रांची जिले में 2023 से बेरोजगार युवाओं को इस योजना का कोई लाभ नहीं मिला है। उन्होंने यह भी दलील दी कि वर्ष 2023 और 2024 के लिए आवंटित राशि खर्च ही नहीं हो सकी और उसे लौटा दिया गया।
याचिकाकर्ताओं ने सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मिली जानकारी का भी हवाला दिया। इसके जवाब में पता चला कि जिला कल्याण पदाधिकारी ने लाभार्थियों की सूची सत्यापन के लिए उच्च अधिकारियों को भेजी थी, लेकिन अंतिम स्वीकृत सूची अब तक वापस नहीं लौटी है। इसी वजह से पात्र युवा योजना के लाभ से वंचित हैं।
सरकार को देना होगा विस्तृत ब्योरा
अदालत ने सरकार से पूछा है कि यह योजना सुचारू रूप से क्यों नहीं चल रही है और पात्र लोगों तक इसका फायदा क्यों नहीं पहुंच रहा। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को योजना के संचालन, लाभार्थियों के चयन की प्रक्रिया और लंबित मामलों की वर्तमान स्थिति पर विस्तृत जानकारी देने का आदेश दिया है।
इनपुट: IANS



