देश में आतंक का माहौल जारी है. खासकर की यूपी में तो आजकल जुर्म का ग्राफ बहुत तेज़ी से बढ़ रहा है. अभी हाल ही में लखनऊ के ब्राइट लैंड स्कूल से एक बच्चे पर हमले की खबर चर्चा में थी. पहली कक्षा के एक मासूम बच्चे को उसके स्कूल में ही साथ पढ़ रही बच्ची ने चाकू मारकर हत्या कर करने की कोशिश की थी. पुलिस ने आरोपी छात्रा को गिरफ्तार कर लिया है और जांच जारी है. दरसल लोगों के ज़हन में नफरत बहुत ज्यादा बढ़ गयी है. ऐसी ही एक आपसी रंजिश के चलते मेरठ से एक हत्या होने की खबर सामने आई है. हमलावरों ने घर में घुसकर इस घटना को अंजाम दिया.
पुरानी नफरत के चलते की वारदात
मेरठ के सौरखा गांव से एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है. यहाँ एक माँ बेटे की साथ में ह्त्या कर दी गयी. सौरखा निवासी मृतक व्यक्ति का नाम बलमेंद्र उर्फ भोलू है और उसकी उम्र 28 साल बतायी जा रही है. बेखौफ बदमाशों ने बुधवार को दिनदहाड़े सौरखा गांव में मां-बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी. गोली मारते हुए तीन हमलावर घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए हैं. पुलिस के अनुसार जिन दो लोगों को बदमाशों ने मारा है, वो राजनीती से संबंध रखते हैं. मृतक सपा का स्थानीय नेता है. बता दें कि बदमाशों की इस परिवार से कोई पुरानी दुश्मनी थी. ये दुश्मनी 2016 से चली आ रही है. जहाँ चुनावी रंजिश में अक्टूबर 2016 में इसी परिवार के मुखिया की भी हत्या कर दी गई थी. परिवार के मुखिया की हत्या को लेकर आज (25 जनवरी २०१८) गवाही होनी थी. मृतक भोलू 11 बजे अपनी स्विफ्ट कार से मेरठ जा रहा था. बदमाशों ने भोलू की कार रुकवाई और उस पर गोलियां बरसा दीं. उसी वक़्त मौक़ा-ए-वारदात पर उसकी मौत हो गई. जिस वक्त ये हादसा हुआ उस वक़्त भोलू की 60 वर्षीया माँ अपने घर में चारपाई पर बैठी हुई थी, बदमाशों ने भोलू की माँ की भी घर में घुसकर गोली मारकर हत्या कर दी.
बदमाशों का रात का तो छोड़ो अब दिन का भी कोई डर नहीं रहा. क्या जिस वक़्त माँ को गोली से मारा जा रहा था आस-पड़ोस में कोई नहीं था? या फिर कोई खौफ के कारण अपने घर से बाहर नहीं निकलना चाहता था? ऐसे में हमारे देश का पुलिस प्रशासन भी सख्ती क्यों नहीं अपना रहा है. पुलिस को घटना घटित होने के काफ़ी समय बाद क्यों खबर मिलीं?










