‘BJP शिवसेना को कमजोर कर रही…’ अब्दुल सत्तार का आरोप, एकनाथ शिंदे को CM बनाने की मांग की h3>
महाराष्ट्र में विधान परिषद चुनावों के लिए सीटों के बंटवारे को लेकर महायुति गठबंधन में दरारें उभरने लगी हैं. शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के विधायक और पूर्व मंत्री अब्दुल सत्तार ने अपनी ही सहयोगी पार्टी बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने बीजेपी पर उनकी पार्टी को खत्म करने का आरोप लगाया है.
अब्दुल सत्तार ने मंगलवार को एकनाथ शिंदे से मुलाकात की थी. इस दौरान उन्होंने उनके सामने अपनी चिंताएं रखी थीं. सत्तार ने छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) में शिवसेना को नंबर दो की पार्टी बनाने के बीजेपी की कोशिशों पर नाराजगी जताई.
अब्दुल सत्तार ने ये मांग भी की है कि एकनाथ शिंदे को ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए.
‘उद्धव ठाकरे और कांग्रेस जैसा हश्र…’
सत्तार ने कहा कि बीजेपी उन सीटों पर अपना दावा ठोक रही है, जो ऐतिहासिक रूप से शिवसेना के पास रही हैं. उन्होंने कहा, ‘राज्य में इस वक्त कोई मजबूत विपक्ष नहीं है. यही वजह है कि महायुति के सहयोगी दल आपस में ही लड़ रहे हैं. राज्य में जो हश्र उद्धव ठाकरे और कांग्रेस का हुआ, वो हमारे साथ भी हो सकता है.’
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‘बिहार में बदल सकता है सीएम, तो महाराष्ट्र में क्यों नहीं?’
अब्दुल सत्तार ने इस दौरान दावा किया कि एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री न बनाकर उनके साथ अन्याय हुआ है. सत्तार ने कहा, हमारी मांग है कि एकनाथ शिंदे को 2.5 साल के लिए मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए. साल 2024 का विधानसभा चुनाव उन्हीं के नेतृत्व में लड़ा गया था.
उन्होंने आगे कहा, ‘अगर चुनाव हारने पर किसी एक नेता को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है, तो जीत का श्रेय भी उसी नेता को मिलना चाहिए. अगर बिहार में मुख्यमंत्री बनाया और फिर बदला जा सकता है, तो महाराष्ट्र में ऐसा क्यों नहीं हो सकता?’
बेटे समीर का नामांकन लेंगे वापस
बता दें कि शिवसेना महायुति गठबंधन के तहत चुनाव लड़ रही है. इस बीच अब्दुल सत्तार ने घोषणा की है कि उनके बेटे समीर अपना नामांकन वापस ले लेंगे. उन्होंने ये भी बताया कि मुख्यमंत्री शिंदे जिले में पार्टी की असल स्थिति का आकलन करने के लिए एक विशेष समिति का गठन करेंगे.
यह भी पढ़ें: CM फडणवीस को आधी रात गया फोन, आदित्य ठाकरे ने ऐसे रोका शिंदे गुट का BMC प्लान! मुंबई में नई जुगलबंदी की चर्चा
शिवसेना के दोनों विरोधी गुटों (शिंदे और उद्धव ठाकरे) के फिर से एक होने के सवाल पर सत्तार ने अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि दोनों गुटों के पुनर्मिलन को लेकर अंतिम फैसला हमारी पार्टी के नेता एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे को ही मिलकर लेना चाहिए.
—- समाप्त —-
महाराष्ट्र में विधान परिषद चुनावों के लिए सीटों के बंटवारे को लेकर महायुति गठबंधन में दरारें उभरने लगी हैं. शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के विधायक और पूर्व मंत्री अब्दुल सत्तार ने अपनी ही सहयोगी पार्टी बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने बीजेपी पर उनकी पार्टी को खत्म करने का आरोप लगाया है.
अब्दुल सत्तार ने मंगलवार को एकनाथ शिंदे से मुलाकात की थी. इस दौरान उन्होंने उनके सामने अपनी चिंताएं रखी थीं. सत्तार ने छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) में शिवसेना को नंबर दो की पार्टी बनाने के बीजेपी की कोशिशों पर नाराजगी जताई.
अब्दुल सत्तार ने ये मांग भी की है कि एकनाथ शिंदे को ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए.
‘उद्धव ठाकरे और कांग्रेस जैसा हश्र…’
सत्तार ने कहा कि बीजेपी उन सीटों पर अपना दावा ठोक रही है, जो ऐतिहासिक रूप से शिवसेना के पास रही हैं. उन्होंने कहा, ‘राज्य में इस वक्त कोई मजबूत विपक्ष नहीं है. यही वजह है कि महायुति के सहयोगी दल आपस में ही लड़ रहे हैं. राज्य में जो हश्र उद्धव ठाकरे और कांग्रेस का हुआ, वो हमारे साथ भी हो सकता है.’
‘बिहार में बदल सकता है सीएम, तो महाराष्ट्र में क्यों नहीं?’
अब्दुल सत्तार ने इस दौरान दावा किया कि एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री न बनाकर उनके साथ अन्याय हुआ है. सत्तार ने कहा, हमारी मांग है कि एकनाथ शिंदे को 2.5 साल के लिए मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए. साल 2024 का विधानसभा चुनाव उन्हीं के नेतृत्व में लड़ा गया था.
उन्होंने आगे कहा, ‘अगर चुनाव हारने पर किसी एक नेता को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है, तो जीत का श्रेय भी उसी नेता को मिलना चाहिए. अगर बिहार में मुख्यमंत्री बनाया और फिर बदला जा सकता है, तो महाराष्ट्र में ऐसा क्यों नहीं हो सकता?’
बेटे समीर का नामांकन लेंगे वापस
बता दें कि शिवसेना महायुति गठबंधन के तहत चुनाव लड़ रही है. इस बीच अब्दुल सत्तार ने घोषणा की है कि उनके बेटे समीर अपना नामांकन वापस ले लेंगे. उन्होंने ये भी बताया कि मुख्यमंत्री शिंदे जिले में पार्टी की असल स्थिति का आकलन करने के लिए एक विशेष समिति का गठन करेंगे.
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शिवसेना के दोनों विरोधी गुटों (शिंदे और उद्धव ठाकरे) के फिर से एक होने के सवाल पर सत्तार ने अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि दोनों गुटों के पुनर्मिलन को लेकर अंतिम फैसला हमारी पार्टी के नेता एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे को ही मिलकर लेना चाहिए.
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