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वित्तीय अनियमितता के आरोपी बने पीएम श्री स्कूल के प्राचार्य: धार में BRC पद से हटाए गए बुटसिंह भंवर को मिला प्रभार; कार्रवाई का इंतजार – Dhar News

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वित्तीय अनियमितता के आरोपी बने पीएम श्री स्कूल के प्राचार्य:  धार में BRC पद से हटाए गए बुटसिंह भंवर को मिला प्रभार; कार्रवाई का इंतजार – Dhar News

वित्तीय अनियमितता के आरोपी बने पीएम श्री स्कूल के प्राचार्य: धार में BRC पद से हटाए गए बुटसिंह भंवर को मिला प्रभार; कार्रवाई का इंतजार – Dhar News


धार जिले की सरदारपुर तहसील के ग्राम गुमानपुरा स्थित पीएम श्री विद्यालय में प्रभारी प्राचार्य की नियुक्ति पर विवाद खड़ा हो गया है। जनजातीय कार्य विभाग ने वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों में बीआरसी (खंड स्रोत समन्वयक) पद से हटाए गए बुटसिंह भंवर को इस अहम विद्यालय का प्रभार सौंप दिया है। इस फैसले के खिलाफ जनसुनवाई में कलेक्टर से शिकायत की गई है, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। बुटसिंह भंवर पूर्व में सरदारपुर विकासखंड में बीआरसी के पद पर कार्यरत थे। उन पर वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगे थे, जिसके बाद विभाग ने उन्हें पद से हटा दिया था। इस कार्रवाई के खिलाफ उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया था, लेकिन वहां से उन्हें कोई राहत नहीं मिली। इन सबके बावजूद उन्हें अब गुमानपुरा के पीएम श्री विद्यालय का प्रभारी प्राचार्य बनाकर कार्यभार सौंप दिया गया है। कलेक्टर से शिकायत, CM हेल्पलाइन पर भी मामले लंबित
जनसुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता मुन्नालाल मारू ने कलेक्टर राजीव रंजन मीना को एक आवेदन सौंपा है। इसमें आरोप लगाया गया है कि बुटसिंह भंवर के खिलाफ वित्तीय गड़बड़ियों से जुड़े कई मामले विचाराधीन हैं। इसके साथ ही उनके विरुद्ध सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायतें लंबित हैं। शिकायत में यह भी उल्लेख है कि बीआरसी रहते हुए उन पर स्कूलों की मान्यता प्रक्रिया में भी भारी अनियमितता बरतने के आरोप लगे थे। 8 जनवरी को DPC ने की थी कार्रवाई की सिफारिश
जानकारी के मुताबिक, 8 जनवरी 2024 को जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) ने सहायक आयुक्त को एक पत्र लिखा था। इस पत्र में बुटसिंह भंवर के खिलाफ कार्रवाई करने का सुझाव दिया गया था। इसके बावजूद कार्रवाई के बजाय उन्हें पीएम श्री विद्यालय जैसे महत्वपूर्ण संस्थान का प्रभार दे दिया गया। शिकायतकर्ता का तर्क है कि जिस अधिकारी के खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं की जांच चल रही हो, उसे इतनी महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारी सौंपना अनुचित है। सहायक आयुक्त बोले- भोपाल से लौटकर मामले को देखूंगा
इस पूरे विवाद पर सहायक आयुक्त नरोत्तम का बयान सामने आया है। उन्होंने बताया, “मैं वर्तमान में भोपाल में एक बैठक में शामिल होने आया हूं। वापस आकर इस पूरे मामले की जानकारी लूंगा।” इधर, जनसुनवाई में शिकायत दर्ज होने के बाद अब इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।

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