मंगलवार, 4 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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भारतीय वायुसेना का व्यस्त शेड्यूल: 'वीर गार्जियन' के बाद सबसे बड़े युद्धाभ्यास 'तरंग शक्ति' की तैयारी

आने वाले कुछ महीने भारतीय वायुसेना (IAF) के लिए बेहद व्यस्त रहने वाले हैं, क्योंकि वह दुनिया की प्रमुख वायुसेनाओं के साथ कई महत्वपूर्ण अभ्यासों में हिस्सा लेगी। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार…

भारतीय वायुसेना का व्यस्त शेड्यूल: 'वीर गार्जियन' के बाद सबसे बड़े युद्धाभ्यास 'तरंग शक्ति' की तैयारी
(फोटो: IANS)

आने वाले कुछ महीने भारतीय वायुसेना (IAF) के लिए बेहद व्यस्त रहने वाले हैं, क्योंकि वह दुनिया की प्रमुख वायुसेनाओं के साथ कई महत्वपूर्ण अभ्यासों में हिस्सा लेगी। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया में चल रहे 'पिच ब्लैक' अभ्यास के बाद वायुसेना मलेशिया के साथ 'उदारा शक्ति' और फिर जापान के साथ 'वीर गार्जियन' युद्धाभ्यास करेगी। इसके तुरंत बाद, भारत अपने सबसे बड़े बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यास 'तरंग शक्ति 2.0' की मेजबानी के लिए तैयार हो जाएगा।

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यह गहन प्रशिक्षण कैलेंडर पाकिस्तान के अंदर आतंकी ठिकानों पर की गई सफल स्ट्राइक 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद मित्र देशों की भारत के साथ अभ्यास करने में बढ़ती दिलचस्पी को दर्शाता है। दुनिया भर की वायुसेनाएं भारतीय वायुसेना की सटीक हमला करने की तकनीक और बिना किसी नुकसान के लक्ष्य को भेदने की क्षमता को समझना चाहती हैं।

जापान के साथ 'वीर गार्जियन'

जापान एयर सेल्फ डिफेंस फोर्स के साथ होने वाला द्विपक्षीय हवाई अभ्यास 'वीर गार्जियन' 12 सितंबर से 23 सितंबर तक राजस्थान के जोधपुर एयरबेस पर आयोजित किया जाएगा। रक्षा अधिकारियों के मुताबिक, इस अभ्यास में भारतीय वायुसेना के सुखोई एसयू-30एमकेआई और जापान के एफ-2 लड़ाकू विमान हिस्सा लेंगे। यह इस अभ्यास का दूसरा संस्करण है। पहला संस्करण 2023 में जापान के हयाकुरी एयरबेस पर आयोजित किया गया था, जिसकी शुरुआत 2022 में टोक्यो में हुई '2 प्लस 2' वार्ता के दौरान लिए गए फैसले के बाद हुई थी।

बहुराष्ट्रीय अभ्यास 'तरंग शक्ति 2026'

'वीर गार्जियन' के समापन के बाद जोधपुर एयरबेस साल 2026 के सबसे बड़े बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यास 'तरंग शक्ति 2026' की मेजबानी करेगा। यह 'तरंग शक्ति' का दूसरा संस्करण होगा, जिसका पहला संस्करण 2024 में आयोजित किया गया था। इस साल यह अभ्यास 26 सितंबर से शुरू होगा और करीब दो सप्ताह तक चलेगा, जिसमें मित्र देशों के लड़ाकू विमान पाकिस्तान सीमा के पास भारतीय वायुसेना के साथ युद्धाभ्यास करेंगे।

भारत ने मित्र देशों को निमंत्रण भेज दिया है और आधे दर्जन से ज्यादा देशों ने अपने लड़ाकू विमानों के साथ भागीदारी के लिए सहमति दे दी है, जबकि कई देश पर्यवेक्षक के रूप में शामिल होंगे।

पिछला संस्करण और अंतरराष्ट्रीय भागीदारी

साल 2024 में हुआ 'तरंग शक्ति' का पहला संस्करण दो चरणों में आयोजित किया गया था। पहला चरण तमिलनाडु के सुलूर और दूसरा राजस्थान के जोधपुर में हुआ। इसमें फ्रांस, जर्मनी, स्पेन, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, ग्रीस, संयुक्त अरब अमीरात और अमेरिका जैसे देशों ने अपने प्रमुख लड़ाकू विमानों, जैसे राफेल, यूरोफाइटर टाइफून, एफ-16 और ए-10 के साथ हिस्सा लिया था। उस दौरान भारतीय वायुसेना ने भी राफेल, सुखोई, तेजस और प्रचंड समेत अपने सभी प्रमुख विमानों की क्षमता का प्रदर्शन किया था।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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