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लखनऊ में हार्ट अटैक पर 200 एक्सपर्ट करेंगे मंथन: ब्रजेश पाठक करेंगे कॉर्डियक कॉन्फ्रेंस का आगाज, दिल की बीमारी और इलाज पर होगी चर्चा – Lucknow News

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लखनऊ में हार्ट अटैक पर 200 एक्सपर्ट करेंगे मंथन:  ब्रजेश पाठक करेंगे कॉर्डियक कॉन्फ्रेंस का आगाज, दिल की बीमारी और इलाज पर होगी चर्चा – Lucknow News

लखनऊ में हार्ट अटैक पर 200 एक्सपर्ट करेंगे मंथन: ब्रजेश पाठक करेंगे कॉर्डियक कॉन्फ्रेंस का आगाज, दिल की बीमारी और इलाज पर होगी चर्चा – Lucknow News

लखनऊ में 13 फरवरी से कॉर्डियक कॉन 2026 का आगाज होगा।

दिल की बीमारी व आधुनिक इलाज पर 13 और 14 फरवरी को मंथन होगा। इसमें देश-दुनिया के विशेषज्ञ शिरकत करेंगे। यह जानकारी KGMU लारी कॉर्डियोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. ऋषि सेठी ने दी। उन्होंने बताया कि इस आयोजक सचिव डॉ. अक्षय प्रधान ने दी।

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वह गुरुवार को विभाग में पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। लारी कॉर्डियोलॉजी विभाग के डॉ.अक्षय प्रधान ने बताया कि दिल की बीमारियों और आधुनिक इलाज पर कॉर्डिकॉन 2026 का आयोजन किया जा रहा है। कॉर्डियोलॉजी सोसाइटी ऑफ इंडिया की तरफ से केजीएमयू के अटल बिहारी वाजपेई सांइटिफिक कन्वेंशन सेंटर में 13 व 14 फरवरी को आयोजन होगा। इसमें देश-दुनिया के सैकड़ों के डॉक्टरों के शिरकत करने की उम्मीद है। कार्यक्रम का शुभारंभ डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक करेंगे। उन्होंने बताया कि कान्फ्रेंस में आधुनिक इलाज नई दवाओं और जांच पर चर्चा करेंगे। गर्भावस्था के दौरान होने वाली दिल की बीमारियों पर भी चर्चा की जाएगी।

डॉ. ऋषि सेठी।

कम उम्र में हार्ट अटैक के हो रहे शिकार

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लारी कॉर्डियोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. ऋषि सेठी ने बताया कि दिल की बीमारी तेजी से बढ़ रही है। इसकी बढ़ी वजह बेढंगी जीवनशैली है। लोग फास्ट फूड व कोल्ड ड्रिंक आदि का भरपूर सेवन कर रहे हैं। आरामतलबी करते हैं। नतीजतन दिल संबंधी बीमारी बढ़ रही है। कम उम्र के लोगों को हार्ट अटैक के शिकार हो रहे हैं। खून की नसों में रूकावट के मामले भी देखने में आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि लेजर तकनीक से खून की नसों की रुकावट को दूर किया जा सकता है। इसके लिए लारी कॉर्डियोलॉजी विभाग लेजर मशीन क्रय कर रहा है।

10 से 12 हजार कदम पैदल चलें

डॉ.गौरव चौधरी ने बताया कि डायबिटीज, किडनी, ब्लड प्रेशर और मोटापे की वजह से दिल की बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। दिल की बीमारी से बचने के लिए नियमित व्यायाम करें। प्रतिदिन कम से कम 10 से 12 हजार कदम पैदल चलें। इससे काफी हद तक दिल की सेहत सलामत रहेगी। उन्होंने बताया कि नई तकनीक से दिल के मरीजों का इलाज आसान हो गया है। डॉ.अखिल शर्मा ने बताया कि जीवनशैली में सुधार कर दिल की बीमारी से बचा सकता है। तली भुनी वस्तुओं से परहेज करें। आरामतलबी छोड़े।

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