इकरा हसन बोलीं- मुझे मुल्ली और आतंकवादी बोला गया: सहारनपुर में कहा- सरकार का बेटियों को सम्मान देना दिखावा, समाज को तोड़ने वालों को नहीं छोड़ूंगी – Saharanpur News h3>
कैराना सांसद इकरा हसन सहारनपुर पहुंची। उन्होंने कहा- आजकल लोग नफरत फैलाने की राजनीति कर रहे हैं। जो लोग खुद को महापुरुष कहलवा रहे हैं। असल में वे समाज को तोड़ रहे हैं। असली महापुरुष बाबू हुकुम सिंह जैसे लोग थे। जिन्होंने समाज को जोड़ा। BJP के पूर्व स
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यह सिर्फ मेरा नहीं पूरे समाज की महिलाओं का अपमान है। एक तरफ सरकार बहनों-बेटियों को सम्मान देने की बात करती है। दूसरी तरफ महिलाओं को गालियां दी जाती हैं। यह दोहरा चरित्र अब नहीं चलेगा। मैं दबकर राजनीति नहीं करूंगी। जो समाज को तोड़ेंगे। उन्हें मैं कभी नहीं छोड़ूंगी।
दरअसल 3 अक्टूबर को गंगोह क्षेत्र के छापुर गांव में शिव मंदिर खंडित किया गया था। इसको लेकर हिंदू सुरक्षा सेवा संघ के जिलाध्यक्ष रोहित प्रधान ने संगठन के लड़कों के साथ बाइक पर विरोध प्रदर्शन किया था। इसमें सांसद इकरा हसन के खिलाफ नारेबाजी की। इकरा हसन मुर्दाबाद के नारे लगाए और उन्हें गालियां दीं। प्रदर्शन को फेसबुक पर लाइव किया गया था। आरोपी रोहित प्रधान पर केस हुआ था।
विस्तार से पढ़िए पूरा मामला
सांसद इकरा हसन ने कहा आजकल की राजनीति का स्तर गिर गया है।
मेरा नहीं ये समाज की महिलाओं का अपमान है बुधवार को सांसद ने छापुर गांव के ग्रामीणों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा- किसी भी आस्था स्थल को खंडित करना बेहद निंदनीय है। मंदिर को तोड़ने जैसी घटना बर्दाश्त के काबिल नहीं है। मुझे इससे गहरा दुख पहुंचा है। इस मामले में जो भी जेल भेजे गए हैं, मैंने उनका कभी समर्थन नहीं किया। न ही किसी के पक्ष में कोई फोन किया है।
वह बोलीं- विरोध करने का अधिकार सबको है, लेकिन विरोध के दौरान धर्म, बिरादरी और महिलाओं के खिलाफ जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया गया। वह समाज को तोड़ने का काम करती है। जब मैं चुनाव जीती थीं, तब हर धर्म और हर जाति के लोगों ने मुझे अपनी बेटी और बहन मानकर वोट दिया था।
आज जिस तरह की मुझे गालियां दी जा रही हैं, वह सिर्फ मेरा नहीं बल्कि इस क्षेत्र की हर महिला का अपमान है। मैंने कभी धर्म या बिरादरी की राजनीति नहीं की। हमेशा सबको साथ लेकर चलने की कोशिश की है। अगर किसी को मेरा काम पसंद नहीं है तो पांच साल बाद मुझे बदल सकते हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या मैं आपके समाज की बेटी नहीं हूं?
इकरा ने कहा मुझे प्रशासन यहां आने से रोक रहा था, मगर मैंने कहा यह मेरा क्षेत्र है। मैं अपनों के बीच में जाऊंगी।
इकरा बोलीं- मैंने कभी धर्म या व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं की इकरा ने कहा कि मैं राजनीतिक परिवार से हूं। मेरे परिवार ने हमेशा लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान किया है। राजनीति का स्तर अब गिर गया है। हमारे विरोधी परिवार से मतभेद जरूर रहे, लेकिन कभी किसी ने व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं की। अब जो हो रहा है, वह राजनीति नहीं, नफरत फैलाने की कोशिश है।
इकरा ने कहा- मुझे प्रशासन की ओर से फोन आया था कि वे छापुर न जाएं। लेकिन मैंने कहा कि यह मेरा इलाका है। मैं क्यों न जाऊं? मैं राजनीति की नहीं, समाज की बात करने आई हूं। कोमल गुर्जर पर की गई अभद्र टिप्पणी की मैं निंदा करती हूं।
मुझ पर जो अभद्र टिप्प्णी की गई, उस मामले में एसएसपी ने खुद ही मुझे फोन कर तहरीर मांगी थी। उन्होंने कहा कि मेरा धर्म, मेरा समाज और मेरी जिम्मेदारी सब मुझे साथ लेकर चलना सिखाते हैं।
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मंदिर में तोड़फोड़ पर सांसद इकरा हसन को गालियां दी:सहारनपुर में आरोपी बोला- माफ कर दो; 20 पर FIR, सपा-रालोद में गुस्सा
सहारनपुर में सपा सांसद इकरा हसन पर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई। उनके खिलाफ नारे भी लगाए। वीडियो सामने आने पर 20 आरोपियों पर मुकदमा दर्ज हुआ है। दो दिन पहले मंदिर में हुई तोड़फोड़ को लेकर हिंदू सुरक्षा सेवा संघ के जिलाध्यक्ष रोहित प्रधान ने विरोध प्रदर्शन किया था। इसमें शामिल युवाओं ने इकरा हसन मुर्दाबाद के नारे लगाए और उनको गाली भी दी।
वीडियो सामने आने पर सपा और रालोद कार्यकर्ताओं में गुस्सा भड़क गया। रालोद प्रदेश उपाध्यक्ष हाजी सलीम कुरैशी ने इस मामले में नकुड़ थाने में शिकायत की। जिस पर पुलिस ने केस दर्ज किया। FIR के बाद आरोपी रोहित प्रधान ने एक वीडियो जारी किया है, जिसमें उसने सांसद इकरा हसन से माफी मांगी है। पढ़ें पूरी खबर



