उत्तर प्रदेश में 21 हजार करोड़ की नई परियोजनाएं, बुंदेलखंड और पूर्वांचल में कनेक्टिविटी और उद्योगों पर जोर
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य में औद्योगिक विकास और सड़क नेटवर्क को रफ्तार देने के लिए 21,000 करोड़ रुपये से अधिक की कई बड़ी परियोजनाओं को हरी झंडी दे दी है। समाचार एजेंसी IANS से…
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य में औद्योगिक विकास और सड़क नेटवर्क को रफ्तार देने के लिए 21,000 करोड़ रुपये से अधिक की कई बड़ी परियोजनाओं को हरी झंडी दे दी है। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में बुंदेलखंड और पूर्वांचल के लिए एक्सप्रेसवे विस्तार, नए लॉजिस्टिक्स क्लस्टर और मेगा औद्योगिक इकाइयों को प्रोत्साहन देने जैसे अहम फैसले लिए गए।
इन फैसलों का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के विभिन्न हिस्सों, खासकर बुंदेलखंड और पूर्वांचल को बेहतर कनेक्टिविटी से जोड़ना और बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करना है। सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से न केवल बुनियादी ढांचा मजबूत होगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
गंगा एक्सप्रेसवे पहुंचेगा हरिद्वार तक
कैबिनेट का एक सबसे महत्वपूर्ण निर्णय गंगा एक्सप्रेसवे को हरिद्वार तक विस्तारित करना है। लगभग 10,761 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना के तहत छह लेन का ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा, जिसे भविष्य में आठ लेन तक बढ़ाया जा सकेगा। इस विस्तार से प्रयागराज और हरिद्वार जैसे दो प्रमुख कुंभ नगरों के बीच सीधा और तेज संपर्क स्थापित होगा। इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ बिजनौर और आसपास के इलाकों में आर्थिक गतिविधियों को भी बल मिलेगा। परियोजना का पूरा खर्च राज्य सरकार उठाएगी।
बुंदेलखंड को मिलेगा नया एक्सप्रेसवे
बुंदेलखंड क्षेत्र के औद्योगिक विकास को गति देने के लिए 7,968.30 करोड़ रुपये की लागत से झांसी लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण को भी मंजूरी दी गई है। यह एक्सप्रेसवे बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) और डिफेंस कॉरिडोर को बेहतर सड़क संपर्क प्रदान करेगा। सरकार के अनुसार, इससे क्षेत्र में निवेश, व्यापार और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। इस परियोजना का खर्च भी पूरी तरह से राज्य सरकार वहन करेगी।
औद्योगिक निवेश और क्लस्टर
इन दो एक्सप्रेसवे के अलावा, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के पास सुल्तानपुर में 272.25 करोड़ रुपये की लागत से एक इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर (IMLC) विकसित किया जाएगा। इसके अलावा, कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022 के तहत 2,901.97 करोड़ रुपये के कुल निवेश वाली आठ मेगा औद्योगिक इकाइयों को विशेष प्रोत्साहन देने का भी फैसला किया है।
इन आठ परियोजनाओं में गौतमबुद्ध नगर, हमीरपुर, हाथरस, बाराबंकी, लखीमपुर खीरी, मथुरा और उन्नाव में लगने वाली इकाइयां शामिल हैं। इन इकाइयों को नेट एसजीएसटी और पूंजीगत सब्सिडी जैसे लाभ दिए जाएंगे, जिससे संबंधित जिलों में औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन को प्रोत्साहन मिलेगा।
इनपुट: IANS



