मंगलवार, 25 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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रिकॉर्ड मुनाफे के साथ चमके ग्रामीण बैंक, जानिए कैसे बदल रही है गांवों की अर्थव्यवस्था

देश के क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (RRBs) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक का सबसे शानदार प्रदर्शन किया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इन बैंकों का कुल शुद्ध लाभ 10,176 करोड़ रुपए के…

रिकॉर्ड मुनाफे के साथ चमके ग्रामीण बैंक, जानिए कैसे बदल रही है गांवों की अर्थव्यवस्था
(फोटो: IANS)

देश के क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (RRBs) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक का सबसे शानदार प्रदर्शन किया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इन बैंकों का कुल शुद्ध लाभ 10,176 करोड़ रुपए के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है, जो ग्रामीण बैंकिंग सेक्टर के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। यह आंकड़ा पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 के 6,820 करोड़ रुपए के मुनाफे की तुलना में एक महत्वपूर्ण उछाल दर्शाता है।

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यह दमदार वित्तीय प्रदर्शन सिर्फ मुनाफे तक ही सीमित नहीं है, बल्कि बैंकों की सेहत में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। बैंकों की परिसंपत्ति गुणवत्ता बेहतर हुई है, जिसका प्रमाण सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (Gross NPA) के रिकॉर्ड निचले स्तर 5.3% पर आना है। इसी तरह, शुद्ध एनपीए (Net NPA) भी घटकर 2.1% रह गया है। आसान भाषा में इसका मतलब है कि बैंकों के फंसे हुए कर्ज (Bad Loans) में कमी आई है, जिससे उनकी वित्तीय बुनियाद और मजबूत हुई है।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बढ़ता योगदान

देशभर के सभी 28 क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों का कुल कारोबार 13.5 लाख करोड़ रुपए के पार चला गया है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती वित्तीय गतिविधियों और बैंकिंग पर बढ़ते भरोसे का संकेत है। इन बैंकों का ऋण-जमा अनुपात (Credit-Deposit Ratio) भी 75.2% के सर्वकालिक उच्च स्तर पर है। यह बताता है कि बैंक गांवों में जमा हो रहे पैसे को कर्ज के रूप में वापस वहीं की अर्थव्यवस्था में प्रभावी ढंग से लगा रहे हैं।

वित्तीय सेवा विभाग के सचिव की अध्यक्षता में हुई एक समीक्षा बैठक में इन आंकड़ों पर चर्चा की गई। बैठक में नाबार्ड, आरबीआई, सिडबी और प्रायोजक बैंकों के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। वर्तमान में ये 28 RRB देश के 26 राज्यों और 3 केंद्रशासित प्रदेशों के लगभग 700 जिलों में अपनी 22,273 शाखाओं के माध्यम से सेवाएं दे रहे हैं।

वित्तीय समावेशन और भविष्य की दिशा

क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों ने वित्तीय समावेशन के क्षेत्र में भी अहम भूमिका निभाई है। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान, इन बैंकों ने प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत 54.98 लाख से अधिक नए खाते खोले, जिससे समाज के वंचित वर्गों तक बैंकिंग सेवाओं की पहुंच बढ़ी है।

समीक्षा बैठक के दौरान, वित्तीय सेवा विभाग के सचिव ने बैंकों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्हें इस गति को बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने ग्रामीण बैंकों को आधुनिक डिजिटल सेवाओं को तेजी से अपनाने पर जोर दिया ताकि दूरदराज के इलाकों तक भी बैंकिंग का लाभ पहुंच सके। साथ ही, उन्होंने प्रायोजक बैंकों से आग्रह किया कि वे RRBs को सूचना प्रौद्योगिकी (IT) का ढांचा मजबूत करने में सहयोग दें।

इनपुट: IANS

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News4Social बिज़नेस डेस्क

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