हैदराबाद: मंत्री के पूर्व OSD से जुड़े मामले में लापरवाही, जुबली हिल्स के पुलिस इंस्पेक्टर निलंबित
हैदराबाद में पुलिस विभाग ने एक रियल एस्टेट कारोबारी पर हुए कथित जानलेवा हमले के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, इस मामले में FIR दर्ज करने में देरी और…
हैदराबाद में पुलिस विभाग ने एक रियल एस्टेट कारोबारी पर हुए कथित जानलेवा हमले के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, इस मामले में FIR दर्ज करने में देरी और मुख्य आरोपी का पता लगाने में विफलता के चलते जुबली हिल्स पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया गया है।
मुख्य आरोपी एन सुमंथ, तेलंगाना की वन एवं बंदोबस्ती मंत्री कोंडा सुरेखा के पूर्व विशेष कार्याधिकारी (OSD) हैं और फिलहाल फरार चल रहे हैं। पुलिस आयुक्त वीसी सज्जनार ने इंस्पेक्टर मुट्टू यादव के निलंबन का आदेश जारी करते हुए मामले में विभागीय जांच के भी निर्देश दिए हैं।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला एक रियल एस्टेट कारोबारी गोंगिडी हरिकृष्णा की शिकायत से जुड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया था कि 30 जुलाई को सुमंथ ने उन्हें एक कार्यालय में बुलाया, जहां उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया और लोहे की रॉड व डंडों से पीटा गया। शिकायत के मुताबिक, सुमंथ के कहने पर अन्य लोगों ने भी मारपीट की और उनसे 10 करोड़ रुपए की मांग की गई। इस हमले में हरिकृष्णा का बायां हाथ फ्रैक्चर हो गया और उन्हें 10 अगस्त को सर्जरी करानी पड़ी।
इस शिकायत के आधार पर पिछले हफ्ते मेडिपल्ली पुलिस स्टेशन में एक जीरो FIR दर्ज की गई थी, जिसे बाद में जुबली हिल्स थाने को स्थानांतरित कर दिया गया। पुलिस ने एन सुमंथ और पांच अन्य— रामू, प्रशांत, अरुण कुमार रेड्डी, कार्तिक और महेंद्र रेड्डी— के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 109 के तहत हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया है। पुलिस ने रविवार को सुमंथ के ड्राइवर को हिरासत में लिया था।
विवादों में मंत्री का परिवार
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब मंत्री कोंडा सुरेखा का परिवार पहले से ही राजनीतिक विवादों का सामना कर रहा है। हाल ही में उनकी बेटी कोंडा सुष्मिता ने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के खिलाफ बयान देकर कांग्रेस पार्टी में हलचल पैदा कर दी थी। सुष्मिता ने मुख्यमंत्री के परिवार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था और कहा था कि वह अगला विधानसभा चुनाव परकाला सीट से लड़ेंगी, भले ही पार्टी टिकट दे या न दे। इन बयानों के बाद प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अनुशासन समिति ने मंत्री कोंडा सुरेखा को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। हालांकि, मंत्री ने अपनी बेटी के बयानों से खुद को अलग करते हुए उन्हें निजी विचार बताया था।
इनपुट: IANS



