IIT दिल्ली: छात्र ऋषिकेश की मौत के मामले में बाहरी समिति करेगी जांच, संस्थान ने घटना पर जताया दुख
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली ने अपने एमएससी के छात्र ऋषिकेश कुमार की मृत्यु के मामले में एक बाहरी जांच समिति गठित करने का निर्णय लिया है। संस्थान ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते…
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली ने अपने एमएससी के छात्र ऋषिकेश कुमार की मृत्यु के मामले में एक बाहरी जांच समिति गठित करने का निर्णय लिया है। संस्थान ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा है कि वह इस मुश्किल समय में छात्र के परिवार के साथ खड़ा है।
समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, संस्थान का कहना है कि इस तरह की घटना की पूरी और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करना आवश्यक है। यह बाहरी समिति उन परिस्थितियों का पता लगाएगी जिनके कारण यह घटना हुई। साथ ही, यह समिति छात्रों के लिए उपलब्ध सहायता प्रणालियों में सुधार के लिए भी सुझाव देगी।
घटनाक्रम और छात्र का स्वास्थ्य
ऋषिकेश ने जुलाई 2025 में आईआईटी दिल्ली में प्रवेश लिया था और वह परिसर के छात्रावास में रहते थे। संस्थान के अनुसार, वह पढ़ाई में एक अच्छे छात्र थे। इस साल होली के कुछ दिनों बाद, कुछ छात्रों द्वारा उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताने पर उन्हें तुरंत संस्थान की एंबुलेंस से आईआईटी दिल्ली अस्पताल ले जाया गया।
वहां संस्थान के मनोचिकित्सक ने उनकी जांच कर आवश्यक मदद प्रदान की। इसके बाद, उनके परिवार ने उन्हें एक अन्य अस्पताल में भर्ती कराने का फैसला किया, जहां वह करीब एक महीने तक उपचाराधीन रहे। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद, ऋषिकेश ने जनवरी से मई 2026 तक के सेमेस्टर से अवकाश का अनुरोध किया, जिसे संस्थान ने स्वीकार कर लिया था।
संस्थान द्वारा उठाए गए कदम
आईआईटी दिल्ली ने बताया कि जुलाई 2026 में उनके स्वास्थ्य रिकॉर्ड की फिर से समीक्षा की गई और डॉक्टरों ने उन्हें कुछ समय के लिए माता-पिता की देखरेख में रहने की सलाह दी। संस्थान के डॉक्टरों और परामर्शदाताओं ने जुलाई और अगस्त में भी उन्हें परामर्श और उपचार की सुविधा दी। बाद में ऋषिकेश ने जुलाई से नवंबर 2026 के तीसरे सेमेस्टर से भी छुट्टी का अनुरोध किया, जिसे मंजूर कर लिया गया था।
छात्र के परिवार को संस्थान द्वारा आर्थिक सहायता भी प्रदान की जा रही है। 24 अगस्त को ऋषिकेश की याद में एक शोक सभा का भी आयोजन किया गया था।
मानसिक स्वास्थ्य सुविधाओं पर जोर
आईआईटी दिल्ली का कहना है कि वह छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर अपनी सुविधाओं में लगातार सुधार कर रहा है। संस्थान में वर्तमान में 15 परामर्शदाता, एक पूर्णकालिक मनोचिकित्सक और दो अंशकालिक मनोचिकित्सक (एम्स और विमहांस से) कार्यरत हैं। इसके अतिरिक्त, संस्थान ने उन शिकायतों के समाधान के लिए एक बाहरी लोकपाल नियुक्त करने का भी प्रस्ताव रखा है, जो मौजूदा व्यवस्था के तहत हल नहीं हो पाती हैं।
इनपुट: IANS



