असम-मेघालय टैक्सी विवाद सुलझा, दोनों राज्यों के बीच पर्यटक वाहनों की आवाजाही फिर से शुरू होगी
असम और मेघालय के बीच टूरिस्ट टैक्सी यूनियनों का गतिरोध आखिरकार खत्म हो गया है। 19 अगस्त की हिंसा के बाद दोनों राज्यों के बीच पर्यटक वाहनों की आवाजाही रुक गई थी, जिससे पर्यटन पर निर्भर व्यवसायों पर…
असम और मेघालय के बीच टूरिस्ट टैक्सी यूनियनों का गतिरोध आखिरकार खत्म हो गया है। 19 अगस्त की हिंसा के बाद दोनों राज्यों के बीच पर्यटक वाहनों की आवाजाही रुक गई थी, जिससे पर्यटन पर निर्भर व्यवसायों पर बुरा असर पड़ रहा था। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के स्तर पर हुई बातचीत के बाद इस विवाद को सुलझा लिया गया है।
मेघालय के पर्यटन मंत्री टिमोथी डी. शिरा ने मंगलवार को इस समाधान की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा और असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के बीच हुई बातचीत के बाद अब वाहनों की आवाजाही पर कोई रोक या नाकेबंदी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विवाद के कारण मेघालय आने वाले पर्यटकों की संख्या में भारी गिरावट आई थी।
पर्यटन पर पड़ा असर और सरकार का रुख
मंत्री शिरा ने बताया कि सड़कों के बंद होने से पर्यटकों का आना लगभग ठप हो गया था। उन्होंने कहा, "कोई टूरिस्ट नहीं आ रहा था और वे आ भी कैसे सकते थे, क्योंकि सड़कें बंद थीं।" इस स्थिति ने पर्यटन क्षेत्र और इससे जुड़े स्थानीय कारोबारों को काफी प्रभावित किया। उन्होंने दोनों पक्षों से आपसी समझ और सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति न बने।
टिमोथी डी. शिरा ने स्पष्ट किया कि असम के पर्यटक संघों को मेघालय में पंजीकृत वाहनों को अपने राज्य में प्रवेश करने देना चाहिए, और इसी तरह मेघालय के संघों को भी असम के पर्यटक वाहनों को राज्य में चलने की अनुमति देनी चाहिए।
मुआवजे पर सरकार का फैसला
मेघालय सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए हाल की हिंसा में क्षतिग्रस्त हुई असम की पर्यटक गाड़ियों के मालिकों को मुआवजा देने का फैसला किया है। हालांकि, मंत्री ने यह भी साफ किया कि नाकेबंदी के कारण बुकिंग रद्द होने से जिन होटल और होमस्टे मालिकों को नुकसान हुआ है, उन्हें कोई मुआवजा नहीं दिया जाएगा। जब उनसे पूछा गया कि होमस्टे मालिकों को हुए नुकसान की भरपाई कैसे होगी, तो उन्होंने कहा, "होमस्टे के लिए कोई मुआवजा नहीं दिया जाएगा।"
उम्मीद है कि इस समझौते से दोनों राज्यों के पर्यटन उद्योग को बड़ी राहत मिलेगी, जो पर्यटकों की सीमा पार आवाजाही पर काफी हद तक निर्भर है। मंत्री ने संबंधित लोगों से संयम बरतने की अपील करते हुए चेतावनी दी कि एक राज्य में की गई किसी भी कार्रवाई का असर दूसरे पर भी पड़ सकता है।
इनपुट: IANS



