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राकेश टिकैत को 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान किस लिए गिरफ्तार किया गया था?

केंद्र के नए कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलनरत किसानों ने गणतंत्र दिवस के मौके पर दिल्‍ली में ट्रैक्टर परेड निकाली थी।

राकेश टिकैत को 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान किस लिए गिरफ्तार किया गया था?

केंद्र के नए कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलनरत किसानों ने गणतंत्र दिवस के मौके पर दिल्‍ली में ट्रैक्टर परेड निकाली थी। इस दौरान कई जगहों पर पुलिस और कुछ किसानों के बीच टकराव हुआ था। किसानों ने तय रूट का उल्लंघन करते हुए कई जगहों पर बैरिकेड तोड़े तो पुलिस ने किसानों पर लाठीचार्ज करते हुए आंसू गैस के गोले दागे। इस घटनाक्रम के बाद दो किसान नेता आंदोलन से अलग हो गए हैं। भाकियू (भानु गुट) और वीएम सिंह आंदोलन से अलग हो गए हैं।

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गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर रैली के दौरान किसानों के उपद्रव के बाद उनकी अगुआई करने वाले किसान नेताओं के सुर भी अब बदले-बदले से हैं। इन सबके बीच किसान नेता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) एक चर्चा में बने हुए हैं। राकेश टिकैत किसान आंदोलन की अगुवाई कर रहे हैं और ट्रैक्टर मार्च से पहले 'लाठी-डंडे साथ लाओ' वाले बयान के बाद लोगों के निशाने पर हैं।

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किसानों की लड़ाई के चलते राकेश टिकैत 44 बार जेल जा चुके हैं। मध्यप्रदेश में एक समय किसान के भूमि अधिकरण कानून के खिलाफ उनको 39 दिनों तक जेल में रहना पड़ा था। इसके बाद दिल्ली में संसद भवन के बाहर किसानों के गन्ना मूल्य बढ़ाने हेतु सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया, गन्ना जला दिया था, जिसकी वजह से उन्हें तिहाड़ जेल भेज दिया गया था। राजस्थान में भी किसानों के हित की लड़ाई लड़ते हुए सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया था, जिसके बाद उन्हें जयपुर जेल में जाना पड़ा था।

राकेश टिकैत ने पहली बार 2007 में मुजफ्फरनगर की खतौली विधानसभा सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ा था। इसके बाद 2014 में अमरोहा जनपद से राष्ट्रीय लोक दल पार्टी से लोकसभा का चुनाव भी लड़ा था, लेकिन दोनों ही चुनाव में उन्‍हें हार का सामना करना पड़ा। बता दें , राकेश टिकैत 1997 में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाए गए थे।

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भारतीय किसान यूनियन की नींव 1987 में उस समय रखी गई थी, जब बिजली के दाम को लेकर किसानों ने शामली जनपद के करमुखेड़ी में महेंद्र सिंह टिकैत के नेतृत्व में एक बड़ा आंदोलन किया था। इसमें दो किसान जयपाल और अकबर की पुलिस की गोली लगने से मौत हो गई थी। इसके बाद भारतीय किसान यूनियन बनाया गया था, जिसके अध्यक्ष चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत बने थे। राकेश टिकैत से छोटे एवं तीसरे स्थान पर उनके भाई सुरेंद्र टिकैत मेरठ के एक शुगर मिल में मैनेजर के तौर पर कार्यरत हैं। वहीं, सबसे छोटे भाई नरेंद्र खेती का काम करते हैं।

यह संगठन उत्तर प्रदेश और उत्तर भारत के साथ-साथ पूरे देश में फैला हुआ है। राकेश टिकैत की शादी वर्ष 1985 में बागपत जनपद के दादरी गांव की सुनीता देवी से हुई थी। इनके एक पुत्र चरण सिंह दो पुत्री सीमा और ज्योति हैं।

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Shashwat

शशवत News4Social के वरिष्ठ संवाददाता हैं। वे राष्ट्रीय घटनाक्रम, ताज़ा समाचार और सामान्य ज्ञान से जुड़े विषयों पर लिखते हैं, और जटिल जानकारी को सरल व तथ्यपरक भाषा में पाठकों तक पहुँचाने पर ज़ोर देते हैं। सभी लेख देखें →

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