नशे के खिलाफ भारत की वैश्विक मुहिम: 46 देशों के साथ मिलकर कसेगा ड्रग्स तस्करी पर शिकंजा
नशीले पदार्थों की तस्करी पर लगाम कसने के लिए भारत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग बढ़ा रहा है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, केंद्र सरकार ने बताया है कि इस दिशा में 27 देशों के साथ द्विपक्षीय समझौते किए…
नशीले पदार्थों की तस्करी पर लगाम कसने के लिए भारत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग बढ़ा रहा है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, केंद्र सरकार ने बताया है कि इस दिशा में 27 देशों के साथ द्विपक्षीय समझौते किए गए हैं, जबकि 19 अन्य देशों के साथ समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर हुए हैं। यह जानकारी मंगलवार को लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने दी।
सांसद नरेश गणपत म्हस्के और श्रीकांत शिंदे द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए मंत्री ने बताया कि भारत नियमित रूप से म्यांमार, नेपाल, थाईलैंड, श्रीलंका, इंडोनेशिया, सिंगापुर और अमेरिका जैसे देशों के साथ महानिदेशक (DG) स्तर की द्विपक्षीय वार्ता करता है।
समन्वय और रणनीति
राय ने बताया कि केंद्र और राज्यों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल के लिए चार-स्तरीय नार्को-कोऑर्डिनेशन सेंटर (NCORD) तंत्र स्थापित किया गया है। इसके अलावा, एक एनसीओआरडी पोर्टल भी बनाया गया है जो मादक पदार्थ कानून प्रवर्तन से जुड़ी जानकारी के लिए एक एकीकृत मंच का काम करता है। इस पोर्टल पर प्रशिक्षण, अपराधियों का डेटा और कानूनी जानकारी जैसी महत्वपूर्ण सूचनाएं उपलब्ध हैं।
सरकार ने 26 जून को 'नारकोटिक्स कंट्रोल विजन डॉक्यूमेंट (2026-2029)' भी जारी किया है, जिसका लक्ष्य अगले तीन वर्षों के लिए स्पष्ट प्राथमिकताएं तय करना है। इसका उद्देश्य 'संपूर्ण सरकार' और 'संपूर्ण समाज' की भागीदारी से नशे पर नियंत्रण पाना है।
जांच और निगरानी समितियां
गृह राज्य मंत्री के अनुसार, नार्को-टेररिज्म जैसे बड़े और महत्वपूर्ण मामलों की जांच की निगरानी के लिए एक संयुक्त समन्वय समिति (JCC) का गठन किया गया है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के महानिदेशक अनुराग गर्ग इस समिति की अध्यक्षता करते हैं। अब तक केंद्रीय स्तर पर JCC की 11 और राज्य स्तर पर 75 बैठकें हो चुकी हैं।
नित्यानंद राय ने यह भी कहा कि सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस महानिदेशकों से जमीनी स्तर के अधिकारियों को सिंथेटिक ड्रग्स, खासकर मेफेड्रोन और एम्फेटामाइन, के खतरों के प्रति संवेदनशील बनाने का अनुरोध किया गया है। इसके अतिरिक्त, अपराध से अर्जित संपत्तियों की पहचान और जब्ती के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं।
इनपुट: IANS



