कमलेश तिवारी के हत्यारों ने हत्या करने से पहले जाने क्यों ली थी दवाईयां

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kamlesh tiwari
कमलेश तिवारी के हत्यारों ने हत्या करने से पहले जाने क्यों ली थी दवाईयां

हिन्दू समाज पार्टी के नेता कमलेश तिवारी की हत्या मामले में जांचपड़ताल जोरो पर चल रही है, कमलेश तिवारी एक हिंदू राष्ट्रवादी कार्यकर्ता और राजनीतिज्ञ थे, जिन्होंने 2017 में हिंदू समाज पार्टी की स्थापना की थी.

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कमलेश तिवारी की हत्या के मामले को लेकर लगातार काफी चौंका देने वाले खुलासे सामने आते जा रहे है. हिंदू समाज पार्टी के नेता कमलेश तिवारी के शरीर पर चाकू के कई निशाने पाए गए हैं, इताना ही नहीं इसके अलावा भी फोरेंसिक रिपोर्ट में भी बातें खुलकर सामने आई है.जिन तीन लोगों को पकड़ा है, उनसे बातचीत के बाद शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि अशफाक अकेले इस काम को अंजाम देने से घबरा रहा था, ऐसे में दूसरे हमलावर मोइनुद्दीन पठान को गला काटने की जिम्मेदारी मिली दी गई.

बता दें कि इन दोनों ने कमलेश के घर जाने से पहले होटल में घबराहट मिटाने के लिए दवा ली थी, साथ ही साथ ताकत की दवा भी खाई थी और इसका सुबूत इनके कमरे से पाया गया है. लखनऊ में स्थित एक खालसा-इन होटल जिसमें ये दोनों ठहरे हुए थे. यहीं से वो समान बरामद किए गए जो गला काटने में इस्तेमाल किए गए थे.

कमलेश तिवारी के हत्यारों तक पुलिस अभी नहीं पहुंच पाई है, लेकिन जिन पर शक किया गया है वह पुलिस के हिरासत में है. वहीं इस मामले में एक बात का खुलासा हुआ है कि कमलेश तिवारी की हत्या के दौरान जिस चाकू से गला रेता गया था, उस दौरान हत्या करने वाले में से एक युवक पठान मोइनउद्दीन अहमद के हाथ में भी घाव हो गया था.

जब वह होटल के कमरे में पहुंचा था तो उसका एक हाथ कुर्ते के अंदर था जिसमें घाव था जिसमें से लगातार खून निकल रहा था. इसका खुलासा CCTV के द्वारा किया गया, होटल के मैनेजर ने भी इस बात को माना है कि हत्या को अंजाम देने के बाद होटल में घुसते वक्त मोइनउद्दीन के हाथ जेब में थे और वह उसे छुपा रहा था.

खबरों के मुताबिक ऐसा कहा जा रहा है कि शाहजहांपुर के बाद दोनों लोग बरेली पहुंचे जहां पर इन्होंने इलाज करवाया और बरेली में ये दोनों अपने दोस्त के यहां पहुचे, जहां लगभग 4 घंटे रुककर दोस्त के साथ किसी अस्पताल में हाथ के घाव का ट्रीटमेंट करवाया. हालांकि अभि तक इस बात की पुष्टि नहीं की जा सकी है.

एसटीएफ यानी स्पेशल टास्क फोर्स की मानें तो इन लोगों ने अपने फुटप्रिंट्स जानबूझकर छोड़े हैं. इन्होंने अपने ओरिजिनल आईडी पर सिम लिए, ओरिजिनल आईडी पर होटल में कमरे बुक किए, कहीं भी सीसीटीवी से मुंह छुपाने की कोशिश नहीं की और हर जगह अपने फुटप्रिंट्स छोड़ते गए है.

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फिलहाल इस मामले पर उत्तर प्रदेश की पुलिस ने दोनों आरोपियों पर ढाई-ढाई लाख रुपये का इनाम रखा गया है और आगे की कार्यवाही जारी है.