जाने ऋषि अगस्त्य ने क्यों की अपनी ही बेटी से शादी ?

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जाने ऋषि अगस्त्य ने क्यों की अपनी ही बेटी से शादी ?

क्या आपने कभी सुना और देखा है कि कोई पिता अपनी ही बेटी से शादी कर सकता है. ये बात लोगों के लिए बहुत ही हैरानी की है एक पिता ने अपनी बेटी से शादी की यह बात एतिहासिक है. ऐसा किया है भगवान शिव के भक्त ऋषि अगस्त्य ने, जब सभी देवाताओं की जान पर बन आई थी, तब सभी देवताओं की रक्षा के लिए भगवना शिव के भक्त ऋषि अगस्त्य ने सातों समुद्र का पानी पीने वाले ने अपनी ही बेटी से शादी कर की थी.

यह सभी सोचते है कि आखिर ऐसा शिव भक्त ने क्यों किया था, तो आपको बता दें कि जब एक दिन इन्होने अपने तपोबल से एक सर्वगुण सम्पन नवजात कन्या का निर्माण किया. और तभी ऋषि को ज्ञात हुआ कि वह विदर्भ के राजा को संतान की प्राप्ती के लिए तप कर रहा है, जिसके बाद अपनी उस पुत्री को ऋषि ने राजा को गोद दे दिया.

जब यह बच्ची जवान हो गई, तो ऋषि अगस्त्य ने इस कन्या का हाथ राजा से मांग लिया. और राजा से इंकार करे बिना कन्या की शादी उसके साथ कर दिया. तब अगस्त्य ऋषि ने अपनी पत्नी यानी अपनी बेटी से दो संतानो को जन्म भी दिया. जो एक भृंगी ऋषि हुए, जो शिव के परम भक्त थे और वही दूसरे अचुता थे.

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अगर बात करें उनकी शादी की तो ऐसा कहा गया है कि उस समय धरती के मनुष्य आत्मा को देखते थे ना की रिश्तों की मयार्दा की. और तब देवासुर संग्राम हो रहा था, तो सभी दानव हारने के बाद समुन्द्र के तलों में जाकर छुप गए, तभी शिव की आज्ञा पर अगस्त्य ऋषि ने ही सातों समुन्द्रों का जल पी लिया और तभी सभी राक्षसों का संहार हुआ था.