रविवार, 12 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
Breaking News Hindi

पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने राष्ट्रवाद को बीमारी क्यों कहा?

पूर्व उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी अक्सर अपने बयानों के चलते विवादों में रहने वाले चर्चा में है. उन्होंने राष्ट्रवाद को बीमारी बताया है.

पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने राष्ट्रवाद को बीमारी क्यों कहा?

पूर्व उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी अक्सर अपने बयानों के चलते विवादों में रहने वाले चर्चा में है. उन्होंने राष्ट्रवाद को बीमारी बताया है. शशि थरूर की नई किताब 'द बैटल ऑफ बिलॉन्गिंग' के विमोचन के दौरान यह बात कही. उन्होंने कहा कि फिलहाल देश ऐसे ‘प्रकट और अप्रकट’ विचारों एवं विचारधाराओं से खतरों से गुजर रहा है जिसमें देश को 'हम और वो' के काल्पनिक श्रेणी के आधार पर बांटने की कोशिश की जा रही है.

विज्ञापन
वीडियो

अंसारी ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी संकट से पहले ही भारत दो अन्य महामारियों ''धार्मिक कट्टरता'' और ''आक्रामक राष्ट्रवाद'' का शिकार हो चुका. उन्होंने कहा कि धार्मिक कट्टरता के लिए सरकार के साथ-साथ समाज का भी बखूबी इस्तेमाल किया गया है. उन्होंने कहा कि आक्रामक राष्ट्रवाद के बारे में भी काफी कुछ लिखा गया है. इसे वैचारिक जहर भी कहा गया है, आक्रामक राष्ट्रवाद के दौरान किसी भी शख्स के अधिकारों की परवाह भी नहीं की जाती है जिससे लोगों के अधिकारों का हनन होता है.

hamid non fiii

उन्होंने कहा कि दुनियाभर के रिकॉर्ड उठाकर देखें तो पता चलता है कि यह कई बार नफरत का रूप लेता है और इसका इस्तेमाल एक टॉनिक के रूप में किया जाता है.यह व्यापक विचारधारा के रूप में प्रतिशोध को प्रेरित करता है. इसका कुछ अंश हमारे देश में भी देखा जा सकता है. इस दौरान अंसारी ने कहा कि देशभक्ति एक अधिक सकारात्मक अवधारणा है क्योंकि यह सैन्य और सांस्कृतिक दोनों तरह से रक्षात्मक है और ये आदर्श भावनाओं को प्रेरित करती है. लेकिन इसे निरंकुशता से चलाए जाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए.

hamid non

बता दें कि शशि थरूर ने अपनी किताब 'द बैटल ऑफ बिलॉन्गिंग' को लेकर हिंदुत्व सिद्धांत और नागरिकता संशोधन कानून पर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि इन दो चीजों से भारतीय होने के सबसे बुनियादी पहलू पर ही प्रश्नचिन्ह लगता है. उन्होंने कहा कि हिंदुत्व का सिद्धांत धार्मिक नहीं बल्कि राजनैतिक है. उन्होंने कहा कि बीजेपी पिछले छह साल में भारत के अस्तित्व को लेकर एक ऐसा विचार उत्तपन्न कर रही है जिससे लगता है कि इस भारत के इतर एक और भारत हो सकता है.

यह भी पढ़े:जो बिडेन के अमेरिकी राष्ट्रपति बनने पर पाकिस्तान में खुशी की लहर क्यों है?

S

Shashwat

शशवत News4Social के वरिष्ठ संवाददाता हैं। वे राष्ट्रीय घटनाक्रम, ताज़ा समाचार और सामान्य ज्ञान से जुड़े विषयों पर लिखते हैं, और जटिल जानकारी को सरल व तथ्यपरक भाषा में पाठकों तक पहुँचाने पर ज़ोर देते हैं। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →