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डायबिटीज की खोज कब और किसने की थी ?

वर्तमान समय में हमें कई तरह की स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ता है.

डायबिटीज की खोज कब और किसने की थी ?

वर्तमान समय में हमें कई तरह की स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ता है. लेकिन हमारे लिए अच्छी बात यह है कि आधुनिक चिकित्सा में हमने अनेंक बीमारियों का उपचार ढूंढ लिया है. ऐसी अनेंक बीमारियां हैं, जो बहुत ही खतरनाक हैं तथा पहले उनके होने के कारण और उनका इलाज नहीं था. इसी कारण लोगों के मन में बीमारियों के इलाज और उन बीमारियों के बारे में जानने की जिज्ञासा रहती है. इससे उनके मन में कई तरह के सवाल पैदा होते हैं. इसी तरह का एक सवाल जो आमतौर पर पूछा जाता है कि डायबिटीज की खोज कब और किसने की थी ? अगर आपके मन में भी ऐसा ही सवाल है, तो इस पोस्ट में इसी सवाल का जवाब जानते हैं.

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diabetes check 3
डायबिटिज

डायबिटीज की खोज कब -

शुरूआत के समय में कोई भी डायबिटीज का मरीज डॅाक्टरों के पास जाता था, तो उनको इस बीमारी के बारे में कोई जानकारी नहीं थी. लेकिन सन 1775 में Matthew Dobson नाम के व्यक्ति ने पहली बार इस बात का पता लगाया कि जिन व्यक्तियों को यह बीमारी होती है, उनमें कुछ लक्षण दिखाई देते हैं. इस बात का पता चला की यह बीमारी होने पर रोगियों का मूत्र मीठा होता है. इसके साथ ही साथ उनके रक्त में भी शुगर की मात्रा बढ़ जाती है. शरीर के मेटाबोलिज्म और पाचन तंत्र का भी इससे संबंध है. इसके बाद 1889 में Oscar Minsky and Joseph Van Mering ने एक कुत्ते पर प्रय़ोग किया तथा इस बात का पता लगाया कि यह बिना अग्नाश्य के भी जिंदा रह सकता है. लेकिन उसमें डायबिटीज के लक्षण दिखाई देने लगे. इसके साथ ही उसके शरीर में फैट और प्रोटीन भी सही से नहीं पच पा रहा था. इससे एक बात तो पता चली की डायबिटिज का संबंध या इसका इलाज अग्नाश्य से था.

type 2 diabetes
डायबिटिज

इस बीमारी के इलाज के लिए लगातार प्रयास के बाद 1921 में इन्सुलिन की खोज हुई. इन्सुलिन की खोज Frederick Grant Banting ने की थी. दरअसल, यह अग्नाश्य द्वारा निर्मित एक बहुत ही महत्वपूर्ण हार्मोन होता है. अगर इसके कार्य की बात करें, तो यह हमारे शरीर में ग्लूकोज के स्तर को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.

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डायबिटिज के मरीजों को इन्सुलिन के इंजक्शन दिए जाते हैं. इसकी वजह से डायबिटीज की बीमारी में हमें धीरे-धीरे राहत मिलती है. काफी लोगों को यह भी कहते हुए सुना होगा कि ज्यादा मीठा नहीं खाना चाहिेएं. ऐसा करने से हमारे शरीर में इन्सुनिल की मात्रा कम हो जाती है. जिसकी वजह से हमें डायबिटिज होने का खतरा बढ़ जाता है.

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KJ

Kapil Jakhar

कपिल जाखड़ News4Social के कंटेंट राइटर हैं। वे समसामयिक घटनाक्रम, फ़ीचर और सामान्य ज्ञान से जुड़े विषयों पर लिखते हैं, और जानकारी को सरल व तथ्यपरक भाषा में प्रस्तुत करने पर ज़ोर देते हैं। सभी लेख देखें →

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