क्या है गुपकार एलायंस जिसका अमित शाह इतना विरोध कर रहे हैं?
https://youtu.be/7ltHdE1jbM0 केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू और कश्मीर में हाल ही बने राजनीतिक मोर्चे के नेताओं के बिगड़े बोल पर संज्ञान लिया।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू और कश्मीर में हाल ही बने राजनीतिक मोर्चे के नेताओं के बिगड़े बोल पर संज्ञान लिया। उन्होंने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए चेतावनी दी कि अगर ये नेता देश की भावना के खिलाफ चलते रहे तो इनकी लुटिया डूबनी तय है। शाह ने ट्विटर पर गुपकार गठबंधन को 'गुपकार गैंग' करार देते हुए कहा कि ये लोग विदेशी ताकतों का जम्मू और कश्मीर में दखल चाहते हैं।
शाह ने कांग्रेस के गुपकार गठबंधन को समर्थन पर पूछा, "गुपकार गैंग भारत के तिरंगे का अपमान करता है। क्या सोनिया जी और राहुल गुपकार गैंग के ऐसे कदमों का समर्थन करते हैं? उन्हें देश की जनता के सामने अपना स्टैंड साफ करना चाहिए।" शाह ने कहा कि इस 'ग्लोबल गठबंधन' का मकसद किसी तरह से अनुच्छेद 370 को बहाल करना है।शाह ने एक के बाद एक ट्वीट्स में कहा कि 'कांग्रेस और गुपकार गैंग जम्मू और कश्मीर को वापस आतंक के युग में ले जाना चाहते हैं।' शाह ने कहा, "वे दलितों, महिलाओं और आदिवासियों के वे अधिकार छीन लेना चाहते हैं जो हमने अनुच्छेद 370 हटाकर दिए हैं।

यही वजह है कि देश की जनता उन्हें हर जगह रिजेक्ट कर रही है।" गृह मंत्री ने अगले ट्वीट में कहा, "जम्मू और कश्मीर हमेशा से भारत का आतंरिक हिस्सा रहा है। भारत के लोग राष्ट्रहित के खिलाफ बने किसी अपवित्र 'ग्लोबल गठबंधन' को सहन नहीं करेंगे। या तो गुपकार गैंग देश के मूड के साथ चले नहीं तो लोग उसे डुबो देंगे।"J&K के पूर्व सीएम और नैशनल कॉन्फ्रेंस लीडर उमर अब्दुल्ला ने भी शाह पर हमला किया। उन्होंने कहा, "मैं माननीय गृह मंत्री की खीज समझ सकता हूं।

उन्हें बताया गया था कि पीपुल्स अलायंस चुनावों का बायकॉट करने वाला है। इससे बीजेपी और नई बनी किंग्स पार्टी को J&K में पूरी छूट मिल जाती। हमने ऐसा नहीं किया। चुनावों में हिस्सा लेने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया का समर्थन करने पर केवल J&K में ही नेताओं को हिरासत में लिया जा सकता है और ऐंटी नैशनल कहा जा सकता है। हम कोई 'गैंग' नहीं हैं अमित शाह जी, हम एक वैध राजनीतिक गठबंधन हैं जो चुनाव लड़े हैं और लड़ेंगे, भले ही आप इससे निराश हों।



