ईरान बोला: हर धमकी को 'वास्तविक' मानते हैं, सैन्य तैयारी और मजबूत करेंगे
ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह अपने विरोधियों से मिलने वाली किसी भी धमकी को हल्के में नहीं लेता, भले ही वह मनोवैज्ञानिक युद्ध का हिस्सा ही क्यों न हो। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, देश के…
ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह अपने विरोधियों से मिलने वाली किसी भी धमकी को हल्के में नहीं लेता, भले ही वह मनोवैज्ञानिक युद्ध का हिस्सा ही क्यों न हो। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, देश के कार्यवाहक रक्षा मंत्री माजिद इब्न अल-रेजा ने कहा कि तेहरान हर खतरे को "वास्तविक और विश्वसनीय" मानकर चलता है।
अल-रेजा का यह बयान पश्चिम एशिया में बढ़े हुए सुरक्षा तनाव और विभिन्न पक्षों के बीच जारी बयानबाजी के बीच आया है। उनका कहना था कि ईरान ऐसी चेतावनियों को अपनी सैन्य तैयारियों को और पुख्ता करने के अवसर के तौर पर देखता है। उन्होंने कहा, "हम न तो अचानक होने वाली किसी स्थिति से अनजान रहेंगे और न ही निष्क्रिय बने रहेंगे।"
सैन्य क्षमताओं को उन्नत करने पर जोर
कार्यवाहक रक्षा मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि ईरान अपनी प्रतिरोधक क्षमता (deterrence) बढ़ाने और सैन्य क्षमताओं को लगातार उन्नत करने के लिए जरूरी कदम उठाता रहेगा। उन्होंने कहा, "यहां तक कि यदि कोई धमकी मनोवैज्ञानिक युद्ध के तहत दी जाती है, तब भी हम उसे गंभीरता से लेते हैं।"
अल-रेजा के मुताबिक, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए ईरान की सशस्त्र सेनाएं पूरी तरह सतर्क हैं और किसी भी संभावित चुनौती से निपटने के लिए तैयार हैं। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा और देश की संप्रभुता की रक्षा को ईरान की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।
अमेरिका पर दोहरे मापदंड का आरोप
ईरानी अधिकारियों की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब कुछ ही समय पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि उन्होंने ईरान पर होने वाले एक हमले को फिलहाल टाल दिया है। इससे पहले, एक ईरानी सांसद हसन गशगावी ने अमेरिका पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि वाशिंगटन एक तरफ हमले की धमकी देता है और दूसरी ओर बातचीत की कोशिश करता है।
गशगावी ने यह भी कहा था, "अमेरिका इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान को धोखा नहीं दे सकता। जंग हो या बातचीत, होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही का फैसला ईरान ही करेगा।"
इनपुट: IANS



