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ताजमहल के 22 कमरों का रहस्य क्या है ?

ताजमहल दूनिया के 7 अजूबो में आता है. भारत के राज्य उत्तरप्रदेश के आगरा में स्थिति यह ताजमहल विश्व की धरोहर है. जिसे देखने के लिए विदेशो से अनेंक पर्यटक आते हैं.

ताजमहल के 22 कमरों का रहस्य क्या है ?

ताजमहल दूनिया के 7 अजूबो में आता है. भारत के राज्य उत्तरप्रदेश के आगरा में स्थिति यह ताजमहल विश्व की धरोहर है. जिसे देखने के लिए विदेशो से अनेंक पर्यटक आते हैं. विदेशों से आने वाले पर्यटकों में ताजमहल देखने की इच्छा रखने वालों की संख्या बहुत अधिक होती है. ताजमहल का निर्माण शाहजहां ने अपनी पत्नि मुमताज की याद में किया था. लेकिन कुछ इतिहासकार इस पर सवाल भी उठाते हैं. उनका मानना है कि ताजमहल का पुननिर्माण और मरम्मत शाहजहां ने करवाई थी. इससे पहले यह हिंदू मंदिर था. हालांकि यह चर्चा या विवाद का विषय हो सकता है. इसी कारण ताजमहल से संबंधित लोगों के मन में कई तरह के सवाल पैदा होते हैं. इसी तरह का एक सवाल जो आमतौर पर पूछा जाता है कि ताजमहल के 22 कमरों का रहस्य क्या है ? अगर आपके मन में भी ऐसा ही सवाल है, तो इस पोस्ट में इसी सवाल का जवाब जानते हैं.

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ताजमहल का रहस्य

ताजमहल के 22 कमरों का रहस्य -

ताजमहल की खुबशुरती के साथ ही इसके साथ काफी विवाद भी जुड़े हुए हैं. इसका सबसे बड़ा रहस्य यह है कि इसमें 22 कमरे हैं. जो काफी लंबे समय से बंद हैं. ऐसा कहा जाता है कि इन कमरों में गैर मुस्लिमों को जाने की अनुमति नहीं है. इन 22 कमरों का निरक्षण करने के लिए इन्हें आखरी बार 1934 में खोला गया था. उस समय इनका निरक्षण किया गया था.लेकिन उसके बाद इनको फिर से बंद कर दिया गया. इस मामले में कुछ इतिहासकारों का मानना है कि ताजमहल के मुख्य मकबरे और चमेली के फर्श के नीचे 22 कमरे बने हुए हैं. चमेली फर्श से यमुना किनारे जाने के लिए 2 सिढ़ीयां भी बनी हुई हैं. इन सिढ़ीयों को ऊपर लोहे का जाल बनाकर बंद कर दिया गया. ऐसा माना जाता है कि 40-50 साल पहले तक यहां जाने का यह रास्ता खुला होता था. लेकिन बाद में इसे बंद कर दिया गया.

ताजमहल के 22 कमरों का रहस्य क्या है ?
ताजमहल का रहस्य

कैसे शुरू हुआ विवाद-

दरअसल, धीरे धीरे इस बात ने एक विवाद का रूप ले लिया. इन कमरों का रहस्य जानने के लिए कोर्ट में भी याचिका दायर की गई है कि इन कमरों को खोलकर इनकी जांच की जानी चाहिएं ताकि इतिहास की सही जानकारी हासिल हो सके. पीएन ओक की किताब "टू स्टोरिज आफ ताज" में दावा किया गया कि ताजमहल की जगह पर पहले शिव मंदिर होता था. इसके लिए कुछ प्रमाण भी दिए गए. जैसे- ताजमहल में गणेश , कमल के फूल , और सर्प के आकार की कई आकृतिया हैं. इसके बाद ताजमहल या तेजोमहल का विवाद बढ़ गया.

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कुछ लोगों का यह भी मानना है कि दरअसल, यह राजा जयसिंह के महल में बना हुआ मंदिर था. राजा मानसिंह अकबर के दरबारी होने के साथ साथ जयपुर के राजा भी थे. उनका पोता राजा जयसिंह था. जयसिंह से ये संपत्ति शाहजहां ने अपनी पत्नि की कब्र बनवाने के लिए ली थी.

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KJ

Kapil Jakhar

कपिल जाखड़ News4Social के कंटेंट राइटर हैं। वे समसामयिक घटनाक्रम, फ़ीचर और सामान्य ज्ञान से जुड़े विषयों पर लिखते हैं, और जानकारी को सरल व तथ्यपरक भाषा में प्रस्तुत करने पर ज़ोर देते हैं। सभी लेख देखें →

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