बुधवार, 15 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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वाराणसी में जाम से मिलेगी बड़ी राहत, 14,447 करोड़ के 6-लेन एलिवेटेड गंगा कॉरिडोर को कैबिनेट की मंजूरी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने वाराणसी के लिए एक बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजना को हरी झंडी दे दी है। इस फैसले के तहत, शहर में ट्रैफिक की समस्

वाराणसी में जाम से मिलेगी बड़ी राहत, 14,447 करोड़ के 6-लेन एलिवेटेड गंगा कॉरिडोर को कैबिनेट की मंजूरी
(फोटो: IANS)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने वाराणसी के लिए एक बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजना को हरी झंडी दे दी है। इस फैसले के तहत, शहर में ट्रैफिक की समस्या को कम करने के लिए गंगा नदी के किनारे 6-लेन के एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह कॉरिडोर राष्ट्रीय राजमार्ग-19 (एनएच-19) को वाराणसी रिंग रोड से जोड़ेगा, जिससे शहर की सड़कों पर वाहनों का दबाव काफी हद तक कम होने की उम्मीद है।

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इस महत्वाकांक्षी परियोजना की कुल अनुमानित लागत 14,447.64 करोड़ रुपये है। इसमें सिविल निर्माण कार्यों के लिए 6,037.85 करोड़ रुपये और भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास व अन्य शुल्कों पर 541.11 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसका निर्माण हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (एचएएम) के तहत किया जाएगा।

यात्रा के समय में होगी 67% तक की कमी

लगभग 46.039 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर को 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के लिए डिजाइन किया गया है। अधिकारियों का अनुमान है कि इसके शुरू होने के बाद परियोजना क्षेत्र में औसत यात्रा का समय 60 मिनट से घटकर सिर्फ 20 मिनट रह जाएगा, जो लगभग 67% की भारी कमी है। इसी तरह, एनएच-19 से काशी रेलवे स्टेशन तक पहुंचने में लगने वाला 50 मिनट का समय घटकर करीब 25 मिनट हो जाएगा।

आधुनिक इंजीनियरिंग और मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी

पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अनुरूप तैयार इस परियोजना में कई आधुनिक इंजीनियरिंग विशेषताएं शामिल हैं। इसमें गंगा नदी पर 910 मीटर लंबा एक आकर्षक केबल-स्टे ब्रिज और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ट्रैवलेटर युक्त 1.32 किलोमीटर लंबा एक्स्ट्राडोज्ड फुट ओवर ब्रिज बनाया जाएगा। यह कॉरिडोर शहर के प्रमुख लॉजिस्टिक्स केंद्रों जैसे लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, रेलवे स्टेशनों और रामनगर जलमार्ग बंदरगाह को बेहतर मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।

पर्यटन और स्थानीय यातायात को लाभ

हर साल 15 करोड़ से अधिक पर्यटकों और श्रद्धालुओं की मेजबानी करने वाले वाराणसी के लिए यह परियोजना विशेष रूप से फायदेमंद होगी। इससे काशी विश्वनाथ मंदिर, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू), नमो घाट और रामनगर किले जैसे प्रमुख स्थलों तक पहुंच आसान हो जाएगी। परियोजना के तहत बीएचयू/लंका से सामने घाट तक एक एलिवेटेड शाखा मार्ग भी बनाया जाएगा, जिससे लंका चौराहे के कुख्यात ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलेगी। यह कॉरिडोर लंबी दूरी के और स्थानीय यातायात को अलग करके सड़क सुरक्षा को भी बेहतर बनाएगा।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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