कर्नाटक वन में 3 तमिलों की मौत: तमिलनाडु सरकार 10-10 लाख मुआवजे पर कर रही विचार
कर्नाटक सीमा पर वन विभाग की गोलीबारी में मारे गए तीन तमिल मूल के लोगों के परिवारों को तमिलनाडु सरकार 10-10 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दे सकती है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के…
कर्नाटक सीमा पर वन विभाग की गोलीबारी में मारे गए तीन तमिल मूल के लोगों के परिवारों को तमिलनाडु सरकार 10-10 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दे सकती है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के वन मंत्री आर.वी. रंजीतकुमार ने मंगलवार को विधानसभा में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के निर्देश पर वन विभाग इस मुआवजे को लेकर विचार-विमर्श कर रहा है।
यह घटनाक्रम उस गोलीबारी से जुड़ा है जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई थी और दो अन्य घायल हो गए थे। कानून मंत्री आर. निर्मलकुमार के मुताबिक, मृतकों की पहचान पी. एंथनीसामी, जॉन रोज पीटर और कुमार के रूप में हुई है, जबकि मारियादॉस और बेंजामिन घायल हैं और उनका एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। ये सभी परिवार लगभग 75 साल पहले कर्नाटक में आकर बसे थे।
विपक्ष ने उठाए सवाल, CBI जांच की मांग
तमिलनाडु विधानसभा में इस मुद्दे पर विभिन्न राजनीतिक दलों ने गंभीर चिंता जताई। AIADMK महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने घटना के पीछे बड़ी साजिश की आशंका जताते हुए सीबीआई जांच की मांग की। उन्होंने कर्नाटक के इस दावे को खारिज कर दिया कि वे लोग हिरण का शिकार कर रहे थे। पलानीस्वामी ने कहा, "मृतकों के परिवारों का कहना है कि वे मवेशियों की तलाश में जंगल में गए थे।"
इसी तरह की मांग कांग्रेस विधायक दल की नेता थाराहाई कथबर्ट ने भी की। उन्होंने उच्च मुआवजे और सरकारी नौकरी की भी वकालत की। वहीं, DMK विधायक मनोज पांडियन ने इसे 'फर्जी मुठभेड़' और गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन करार देते हुए संबंधित वन कर्मियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की।
कर्नाटक सरकार की कार्रवाई और मुआवजा
घटना के बाद हुए विरोध प्रदर्शनों के जवाब में कर्नाटक सरकार ने प्रत्येक मृतक के परिवार को पांच-पांच लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की थी। पलानीस्वामी और भाजपा विधायक एम. भोजराजन दोनों ने इस राशि को अपर्याप्त बताया। कानून मंत्री आर. निर्मलकुमार ने सदन को सूचित किया कि कर्नाटक सरकार ने यह पता लगाने के लिए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं कि गोलीबारी किसने शुरू की और हिंसा के लिए कौन जिम्मेदार था। इसके अतिरिक्त, पुलिस ने वन विभाग के कर्मियों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है। मुख्यमंत्री विजय ने भी कर्नाटक द्वारा दिए गए घटना के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए एक निष्पक्ष और उच्च-स्तरीय जांच की मांग की है।
इनपुट: IANS



