किसानों द्वारा बाहर फसल बेचने पर पैसे नहीं मिलने पर किसान क्या करें ?
भारत एक कृषि प्रधान देश है. जहां लोग बड़ी संख्या में खेती पर आश्रित होते हैं. लेकिन भारत में खेती करने वाले किसानों की हालात बहुत ही दयनीय है.
भारत एक कृषि प्रधान देश है. जहां लोग बड़ी संख्या में खेती पर आश्रित होते हैं. लेकिन भारत में खेती करने वाले किसानों की हालात बहुत ही दयनीय है. जो काफी पुराने समय से चली आ रही समस्या है. भारत की आजादी के बाद भी देश में बहुत कुछ बदला लेकिन किसानों की हालात नहीं बदली.

बिचौलियों के हाथों होने वाले शोषण से बचाने के लिए सरकार द्वारा मंडी कानून लाया गया था. जिसके बाद किसान अपनी फसल को मंडियों में MSP पर बेच सकें ताकि उनका शोषण ना हो सके. मंडी व्यवस्था में भी किसान को पैसे मिलने में बहुत समय लगता था. जबकि किसान के हालात इतने बुरे हैं कि वो साहूकार से पैसे उधार लेकर खेती में लगाता है.

अभी वर्तमान में सरकार द्वारा तीन कृषि कानून बनाए गए हैं, जिनके अनुसार किसान अपनी फसलों को मंडी से बाहर भी बेच सकता है. जहां उसको सही कीमत मिलें. लेकिन इससे किसानों के सामने एक और बड़ी समस्या खड़ी हो जाती है. मंड़ी व्यवस्था में पैसे मिलने में देरी हो जाती थी, लेकिन पैसे कुछ समय बाद मिल जाते थे. अब अगर किसान कांट्रेक्ट खेती करता है और 3 दिन के अंदर उसको पैसे नहीं मिलते या कांट्रेक्ट करने वाली कंपनी पैसे देने से मना करती है तो इस स्थिति में किसान SDM से शिकायत कर सकते हैं. जिसका निपटारा SDM द्वारा किया जाएगा. अगर वहां से भी केस का संतोषजनक समाधान नहीं होता तो मामला DM के पास जाएगा.
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किसानों के सामने एक समस्या यह भी आ रही है कि अगर कोई व्यक्ति व्यापारी बनकर किसानों से फसल खरीदता है तथा उसके बाद वह पैसे नहीं देता तथा भाग जाता है. तो उस मामले में कोई कानून नहीं बना हुआ है. ऐसे मामले में किसान उस व्यक्ति के खिलाफ पुलिस में FIR दर्ज करा सकता है. ताकि ऐसे व्यक्ति पर पुलिस द्वारा कार्यवाही की जाए तथा किसान को उसकी फसल का पैसा मिल पाए.



