इराक पर हमलों को लेकर ईरान ने अमेरिका और सऊदी अरब पर साधा निशाना, तनाव बढ़ाने का लगाया आरोप
ईरान ने इराक के कई इलाकों में हुए हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इसके लिए अमेरिका और सऊदी अरब को जिम्मेदार ठहराया है। ईरान के विदेश मंत्रालय का कहना है कि इन हमलों का मकसद पश्चिम एशिया में तनाव और…
ईरान ने इराक के कई इलाकों में हुए हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इसके लिए अमेरिका और सऊदी अरब को जिम्मेदार ठहराया है। ईरान के विदेश मंत्रालय का कहना है कि इन हमलों का मकसद पश्चिम एशिया में तनाव और संघर्ष को और बढ़ाना है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इन हमलों में इराक की पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज (PMF) के 20 लड़ाकों के मारे जाने और 32 के घायल होने का दावा किया गया है।
भारत में ईरानी दूतावास द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जारी एक बयान में इन हमलों को आक्रामक कार्रवाई बताया गया है। बयान में कहा गया है कि इन हमलों में इराकी सरकारी संस्थानों से जुड़ी जगहों और सुविधाओं को निशाना बनाया गया। इसके अलावा, अरबईन तीर्थ यात्रा के जुलूसों और तीर्थयात्रियों के सेवा केंद्रों पर भी हमले किए गए।
संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन
ईरान ने इन हमलों को इराक की राष्ट्रीय संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का खुला उल्लंघन करार दिया है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, यह कार्रवाई संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 2(4) और अंतरराष्ट्रीय कानून के बुनियादी सिद्धांतों के भी खिलाफ है। मंत्रालय ने इसे अमेरिका और जायोनी शासन के उन उद्देश्यों के अनुरूप बताया, जो पश्चिम एशिया में युद्ध फैलाना चाहते हैं।
ईरानी मंत्रालय ने इन हमलों के गंभीर परिणामों की चेतावनी देते हुए कहा कि इन "खतरनाक, अमानवीय और उकसावे वाली कार्रवाइयों" के लिए युद्ध को बढ़ावा देने वाला अमेरिकी शासन और क्षेत्र में उसके सहयोगी पूरी तरह से जिम्मेदार होंगे। बयान में हमले में मारे गए निर्दोष इराकी नागरिकों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए इराक की सरकार और जनता के साथ पूरी एकजुटता और समर्थन दोहराया गया है। PMF ने हमलों में इमारतों, वाहनों और सैन्य उपकरणों को भी नुकसान पहुंचने की बात कही है।
इनपुट: IANS



