भगवान भोलेनाथ अपने भक्तों पर सदा अपनी दया बनाए रखते हैं. वो जल्दी ही खुश हो जाते हैं तथा अपने भक्तों को मनचाहा वरदान देते हैं. भगवान शिव को ही भोलेनाथ कहते हैं. क्योंकि शिव सादगी पसंद ईश्वर हैं. उन्हें कच्चा फल पसंद है. एक लोटा पानी से भी शिव खुश हो जाते हैं. खासतौर से अगर आप अपनी जिंदगी से निराश या हताश हैं तो आपको शिव की पूजा जरूर करनी चाहिए. लेकिन भोलेनाथ को गुस्सा भी बहुत आता है. कई ऐसी आदते होती हैं, जो भोलनाथ को पंसद नहीं तथा जिसके कारण वो अपने भक्तों से नाराज हो जाते हैं. यदि आप की भी ऐसी आदते हैं, तो भोलेनाथ उनको माफ नहीं करते हैं.
भगवान शिव को ऐसे लोग बिल्कुल पसंद नहीं हैं, जो अपने रिश्ते में ईमानदारी नहीं रखते. खासतौर से किसी दूसरे की शादीशुदा जिंदगी को तोड़ने की कोशिश करने से भोलेनाथ नाराज होते हैं और इस पाप को माफ नहीं करते. किसी साफ दिल के इंसान को कष्ट देना, उसे नुकसान पहुंचाना या उसके लिए बाधाएं पैदा करने की योजना बनाना या ऐसी सोच रखना भगवान शिव की नजरों में हर हाल में माफी ना देने योग्य पाप है.
किसी गर्भवती महिला या मासिक के दौरान किसी महिला को कटु वचन कहना या अपनी बातों से उनका दिल दुखाने वालों को भोलेनाथ अपना सच्चा भक्त नहीं मानते हैं.
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शिव पुराण के अनुसार जिस प्रकार आप किसी का बुरा नहीं करने के बावजूद, उसके लिए बुरी सोच रखने के कारण भी पाप के हकदार और दंड की श्रेणी में आ जाते हैं, उसी प्रकार भले ही आपने अपने कार्य से किसी का बुरा ना किया हो, लेकिन आपकी बोली अक्षम्य पापों का हकदार भी बना सकती है. इसके अलावा , पैसे के लिए किसी को धोखा देना , छल करना भी भोलेनाथ को पंसद नही आता है. ये बुरी आदतें छोड़ देनी चाहिएं















