मध्य प्रदेश में नया वक्फ कानून लागू, बोर्ड चेयरमैन बोले- 'माफिया का कब्जा हटेगा, गरीबों पर खर्च होगी आय'
भोपाल: मध्य प्रदेश, संशोधित वक्फ कानून को लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। इस नए कानून का मुख्य उद्देश्य वक्फ संपत्तियों को अवैध कब्जों से मुक्त कराना और उससे होने वाली आय को मुस्लिम समुदाय
भोपाल: मध्य प्रदेश, संशोधित वक्फ कानून को लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। इस नए कानून का मुख्य उद्देश्य वक्फ संपत्तियों को अवैध कब्जों से मुक्त कराना और उससे होने वाली आय को मुस्लिम समुदाय के कल्याण, विशेषकर गरीब बच्चों की मदद पर खर्च करना है।
समाचार एजेंसी IANS से बातचीत में मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड के चेयरमैन सांवर पटेल ने बताया कि सालों से 'वक्फ माफिया' इन संपत्तियों पर काबिज हैं, लेकिन अब इन कब्जों को हटाकर आय बढ़ाई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वक्फ की संपत्ति दानदाताओं की होती है और यह जनकल्याण व परोपकार के लिए है, किसी की जेब भरने के लिए नहीं।
बोर्ड में महिलाएं और गैर-मुस्लिम विशेषज्ञ शामिल
सांवर पटेल ने नए कानून के तहत बोर्ड के पुनर्गठन की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 10 सदस्यीय बोर्ड में अब चार महिलाएं शामिल हैं, जबकि कानून में दो की अनिवार्यता थी। इसके अलावा, विशेषज्ञ के तौर पर दो गैर-मुस्लिम (हिंदू) सदस्यों को भी बोर्ड में जगह दी गई है। पटेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मोहन यादव का आभार जताते हुए कहा कि यह कानून 'सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास' की भावना के अनुरूप है, जिसे जनता के सुझावों के बाद संसदीय प्रक्रिया के तहत बनाया गया है।
बोर्ड में गैर-मुस्लिमों को शामिल करने का विरोध करने वालों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, "ऐसे लोग कानून और संविधान को नहीं मान रहे हैं। संविधान सिर्फ दिखाने की वस्तु नहीं है।" उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी मुस्लिम बच्चों के एक हाथ में कुरान और दूसरे में कंप्यूटर देखना चाहते हैं और यह कानून वक्फ में सुशासन लाने की एक पहल है।
मंत्री विश्वास सारंग ने कांग्रेस पर साधा निशाना
राज्य सरकार में मंत्री विश्वास सारंग ने भी इस कदम की सराहना की और IANS को बताया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव और चेयरमैन सांवर पटेल के प्रयासों से मध्य प्रदेश ने यह उपलब्धि हासिल की है, जिसके दूरगामी सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे। उन्होंने इस कानून का विरोध करने के लिए कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि यह तुष्टीकरण की राजनीति है। सारंग ने जोर देकर कहा कि यह विषय मस्जिद या मुस्लिम समुदाय से नहीं, बल्कि वक्फ की संपत्तियों के प्रबंधन से जुड़ा है और बोर्ड में बदलाव कानून के तहत ही हुआ है।
इनपुट: IANS



