वेलिगोंडा प्रोजेक्ट पर श्रेय की जंग: जगन मोहन रेड्डी ने CM नायडू पर 'इतिहास बदलने' का लगाया आरोप
आंध्र प्रदेश की महत्वपूर्ण वेलिगोंडा सिंचाई परियोजना को लेकर राज्य की राजनीति गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री और YSRCP अध्यक्ष वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी ने मौजूदा मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू पर…
आंध्र प्रदेश की महत्वपूर्ण वेलिगोंडा सिंचाई परियोजना को लेकर राज्य की राजनीति गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री और YSRCP अध्यक्ष वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी ने मौजूदा मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू पर परियोजना का श्रेय 'चुराने' का गंभीर आरोप लगाया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, रेड्डी ने सोशल मीडिया पर कहा कि नायडू और उनके समर्थक मीडिया इस परियोजना के इतिहास को बदलने की कोशिश कर रहे हैं।
रेड्डी ने अपने पिता और पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस. राजशेखर रेड्डी (YSR) को परियोजना का असली सूत्रधार बताते हुए कहा, "यह देखकर खुशी हो रही है कि मेरे पिता का सपना, वेलिगोंडा प्रोजेक्ट, अब सच हो गया है।" उन्होंने कहा कि इस परियोजना का विजन और पूरा विकास वाईएसआर का था, जबकि चंद्रबाबू नायडू ने सिर्फ इसकी आधारशिला रखी थी।
कामकाज और खर्च पर सवाल
आंकड़ों का हवाला देते हुए जगन मोहन रेड्डी ने दावा किया कि 1996 में चुनाव से ठीक पहले आधारशिला रखने के बाद नायडू सरकार ने 2004 तक इस पर कोई काम नहीं किया। उन्होंने कहा कि आठ साल में सिर्फ 10 लाख रुपए खर्च हुए, वह भी शिलान्यास समारोह पर। इसके विपरीत, YSR सरकार ने 'जलयज्ञम' के तहत जुड़वां सुरंगों और नल्लामाला सागर जलाशय जैसे बड़े काम शुरू किए। रेड्डी ने कहा कि परियोजना की जीवनरेखा, 37.587 किलोमीटर लंबी जुड़वां सुरंगों का अधिकांश हिस्सा (20.333 किमी) YSR के कार्यकाल में पूरा हुआ। वहीं, 2014 से 2019 के बीच नायडू के कार्यकाल में सिर्फ 6.686 किलोमीटर सुरंग बनी।
अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं
पूर्व मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार ने कोरोना महामारी और आर्थिक तंगी के बावजूद सबसे मुश्किल 10.568 किलोमीटर का सुरंग निर्माण पूरा किया। उन्होंने बताया कि टनल-1 जनवरी 2021 में और टनल-2 जनवरी 2024 में पूरी हुई, जिन्हें 6 मार्च 2024 को राष्ट्र को समर्पित किया गया। रेड्डी ने सवाल उठाया, "जब हमने सुरंगों को तैयार कर दिया, तो आप यह दावा कैसे कर सकते हैं कि आपने पूरा प्रोजेक्ट बनाया?"
अन्य परियोजनाओं की अनदेखी का आरोप
जगन मोहन रेड्डी ने चंद्रबाबू नायडू पर पिछड़े इलाकों की उपेक्षा का आरोप भी लगाया। उन्होंने मरकापुरम में सरकारी मेडिकल कॉलेज का निर्माण रोकने और पेड्डाडोरनाला में 131 बिस्तरों वाले सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का काम आगे न बढ़ाने पर सवाल खड़े किए। उन्होंने यह भी कहा कि विस्थापित परिवारों को मुआवजा दिए बिना उनके गांव खाली कराए जा रहे हैं और बिजली-पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं काटी जा रही हैं। उन्होंने नायडू से प्रचार छोड़कर नल्लामाला सागर को भरने, किसानों को पानी देने और रुकी हुई स्वास्थ्य परियोजनाओं को पूरा करने की मांग की।
इनपुट: IANS



