पीएम स्वनिधि योजना: गाजियाबाद की बबीता शर्मा की कहानी, जिसका पीएम मोदी ने 'मन की बात' में किया जिक्र
गाजियाबाद की बबीता शर्मा के लिए रविवार का दिन बेहद खास बन गया, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में उनका उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने महिला सशक्तिकरण के संदर्भ…
गाजियाबाद की बबीता शर्मा के लिए रविवार का दिन बेहद खास बन गया, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में उनका उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने महिला सशक्तिकरण के संदर्भ में पीएम स्वनिधि योजना की सफलता के उदाहरण के तौर पर बबीता शर्मा की कहानी साझा की। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस योजना ने बबीता को मुश्किल हालात से निकालकर आत्मनिर्भर बनाया है।
कोविड महामारी के दौरान पति के छोड़कर चले जाने के बाद बबीता शर्मा अकेली पड़ गई थीं और उनके सामने दो वक्त की रोटी का संकट खड़ा हो गया था। इसी कठिन समय में उन्हें पीएम स्वनिधि योजना की जानकारी मिली, जिसने उनकी जिंदगी की दिशा बदल दी।
स्वनिधि योजना से बदली तकदीर
बबीता ने इस योजना के तहत मिले ऋण से अपना छोटा-मोटा कारोबार खड़ा किया और उसे धीरे-धीरे आगे बढ़ाया। गाजियाबाद की डूडा अधिकारी प्रिया सारस्वत ने बताया कि बबीता ने 10 हजार रुपए के शुरुआती लोन से काम शुरू किया और समय पर भुगतान कर बाद में 20 हजार और फिर 50 हजार रुपए तक का ऋण प्राप्त किया। आज वह न केवल अपनी दुकान सफलतापूर्वक चला रही हैं, बल्कि अपने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई का खर्च भी उठा रही हैं।
प्रधानमंत्री का जताया आभार
इस योजना से मिली मदद पर बबीता शर्मा ने प्रधानमंत्री मोदी का धन्यवाद व्यक्त किया। उन्होंने IANS से बातचीत में कहा, "अगर केंद्र सरकार की तरफ से शुरू की गई स्वनिधि योजना का लाभ नहीं मिलता तो मुझे यह मुकाम हासिल नहीं होता। मुझे बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ा। एक समय था कि दो समय की रोटी की व्यवस्था चुनौती से भरी थी। मैं किसी के सामने पैसों को लेकर हाथ फैलाना नहीं चाहती थी। इस योजना ने मुझे आत्मनिर्भर बनाया है।" बबीता ने यह भी बताया कि आज वह लाचार नहीं हैं और उन्हें केंद्र सरकार की अन्य योजनाओं जैसे श्रम कार्ड, आयुष्मान कार्ड और राशन कार्ड का भी लाभ मिल रहा है।
इनपुट: IANS



