उत्तराखंड में मानसून का कहर: देहरादून समेत 3 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद
उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने कई जिलों के लिए चेतावनी जारी की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए देहरादून, बागेश्वर और…
उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने कई जिलों के लिए चेतावनी जारी की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए देहरादून, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में भारी बारिश का 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। इसके अलावा, 6 अगस्त के लिए देहरादून, चमोली और बागेश्वर में भी इसी तरह का अलर्ट रहेगा। राज्य के बाकी सभी जिलों में 'येलो अलर्ट' लागू किया गया है।
उत्तराखंड आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि मंगलवार सुबह से ही देहरादून, मसूरी, विकासनगर, ऋषिकेश, उत्तरकाशी और टिहरी समेत कई इलाकों में लगातार बारिश हो रही है। रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में भी अच्छी वर्षा दर्ज की गई है। पूर्वानुमान के मुताबिक, शाम के बाद मैदानी इलाकों से बादल पहाड़ी क्षेत्रों की ओर बढ़ेंगे, जिससे रात में पर्वतीय जिलों में भारी बारिश होने की आशंका है।
प्रशासन की तैयारी और जनता के लिए सलाह
लगातार बारिश और संभावित खतरों को देखते हुए राज्य और जिला स्तर के सभी कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय हैं। श्री सुमन ने बताया कि विभिन्न एजेंसियों के बीच लगातार समन्वय स्थापित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के तहत, किसी भी आपदा की स्थिति में वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत कार्य सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। विभाग का लक्ष्य किसी भी आपदा के प्रभाव को कम से कम करना और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे जलभराव वाले और निचले इलाकों से दूर रहें। साथ ही, खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा करने से बचें। भूस्खलन और नदी किनारे बसे इलाकों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है, क्योंकि भारी बारिश और बांधों से पानी छोड़े जाने पर जलस्तर बढ़ सकता है।
तकनीक के ज़रिए चेतावनी
लोगों को समय पर सतर्क करने के लिए प्रशासन तकनीक का भी इस्तेमाल कर रहा है। भारी बारिश की चेतावनी मिलने पर लोगों को SMS के ज़रिए सूचित किया जाता है। श्री सुमन ने कहा कि अगर किसी इलाके में स्थिति ज़्यादा गंभीर होने की आशंका होती है, तो सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक से तत्काल चेतावनी भेजी जाती है। उन्होंने लोगों से भारत सरकार द्वारा विकसित 'सचेत' ऐप डाउनलोड करने की भी अपील की, जो मौसम संबंधी अलर्ट और बचाव के उपाय बताता है।
इनपुट: IANS



