हिमाचल प्रदेश में मानसून का ज़ोर, 7 अगस्त तक कई ज़िलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी
हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है और अगले कुछ दिनों तक इसके तेवर तीखे बने रहने की आशंका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 7 अगस्त तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में भारी…
हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है और अगले कुछ दिनों तक इसके तेवर तीखे बने रहने की आशंका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 7 अगस्त तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, मौसम विभाग ने अलग-अलग दिनों के लिए कई ज़िलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट घोषित करते हुए लोगों और पर्यटकों को नदी-नालों से दूर रहने की हिदायत दी है।
बीते 24 घंटों में प्रदेश के कई इलाकों में मानसून की सक्रियता देखने को मिली। इस दौरान सिरमौर और बिलासपुर ज़िले में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी वर्षा दर्ज की गई। सिरमौर में सबसे ज़्यादा 142 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई, जबकि बिलासपुर में यह आँकड़ा 140 मिमी रहा। इसके अलावा नाहन, मलरोड और अलेंडा जैसे क्षेत्रों में भी मूसलाधार बारिश हुई।
किस दिन, कहाँ है अलर्ट?
मौसम विभाग ने 4 अगस्त के लिए सिरमौर और कांगड़ा ज़िलों में भारी से बहुत भारी बारिश का 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। वहीं, कुल्लू, लाहौल-स्पीति और किन्नौर को छोड़कर बाकी सभी ज़िलों के लिए 'येलो अलर्ट' प्रभावी रहेगा। मौसम वैज्ञानिक संदीप कुमार शर्मा के मुताबिक, चेतावनी का यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा:
- 5 अगस्त: कांगड़ा, मंडी और सिरमौर में भारी बारिश का 'येलो अलर्ट'।
- 6 अगस्त: ऊना, बिलासपुर, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर में भारी वर्षा की संभावना।
- 7-8 अगस्त: कांगड़ा, मंडी और सिरमौर में फिर से 'येलो अलर्ट' रहेगा।
मौसम विभाग का अनुमान है कि 8 अगस्त के बाद बारिश की गतिविधियों में कुछ कमी आ सकती है, लेकिन 10 अगस्त तक मैदानी और मध्यवर्ती ज़िलों में रुक-रुक कर हल्की से मध्यम वर्षा का दौर जारी रह सकता है।
जुलाई में सामान्य से 6% ज़्यादा बारिश
इस साल जुलाई के महीने में हिमाचल प्रदेश में सामान्य से लगभग 6 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई। सबसे ज़्यादा बारिश कुल्लू ज़िले में हुई, जो सामान्य से करीब 62 प्रतिशत अधिक थी। वहीं, हमीरपुर और लाहौल-स्पीति में सामान्य से 43 प्रतिशत कम वर्षा रिकॉर्ड की गई। चंबा, किन्नौर और शिमला में भी बारिश का आँकड़ा सामान्य से ज़्यादा रहा।
विशेष सावधानियाँ और पूर्वानुमान
विभाग ने चेतावनी दी है कि लगातार बारिश के कारण सिरमौर, शिमला के सीमावर्ती क्षेत्रों तथा चंबा और कांगड़ा के कुछ इलाकों में छोटे जलग्रहण क्षेत्रों में अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) जैसी स्थिति बन सकती है। सोलन, शिमला और सिरमौर में घने बादलों के कारण दृश्यता (विजिबिलिटी) भी काफ़ी कम हो सकती है, इसलिए वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
इनपुट: IANS



