मंगलवार, 4 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
दिल्ली

दिल्ली लक्ष्मी योजना: महिलाओं में ज़बरदस्त उत्साह, 2.5 लाख से ज़्यादा रजिस्ट्रेशन, 52 हज़ार आवेदन जमा

दिल्ली सरकार की महत्वाकांक्षी 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' को महिलाओं के बीच भारी लोकप्रियता मिल रही है। योजना के लॉन्च होने के कुछ ही दिनों के भीतर लाखों महिलाओं ने इसमें दिलचस्पी दिखाई है। समाचार एजेंसी…

दिल्ली लक्ष्मी योजना: महिलाओं में ज़बरदस्त उत्साह, 2.5 लाख से ज़्यादा रजिस्ट्रेशन, 52 हज़ार आवेदन जमा
(फोटो: IANS)

दिल्ली सरकार की महत्वाकांक्षी 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' को महिलाओं के बीच भारी लोकप्रियता मिल रही है। योजना के लॉन्च होने के कुछ ही दिनों के भीतर लाखों महिलाओं ने इसमें दिलचस्पी दिखाई है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार दोपहर 2 बजे तक 2.65 लाख से अधिक महिलाओं ने योजना के लिए अपना पंजीकरण करा लिया था, जिनमें से 52,175 महिलाओं ने अंतिम आवेदन भी जमा कर दिए।

विज्ञापन

यह आँकड़े योजना के प्रति बढ़ते उत्साह को दर्शाते हैं, क्योंकि मंगलवार सुबह 7 बजे तक ही पंजीकरणों की संख्या 2.38 लाख और जमा आवेदनों की संख्या 38,076 थी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को इस योजना और इसके ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल का आधिकारिक शुभारंभ किया था, जिसके बाद पहले 12 घंटों में ही 33,730 से अधिक पंजीकरण हो गए थे।

क्या है दिल्ली लक्ष्मी योजना का लक्ष्य?

इस योजना के तहत, दिल्ली की पात्र महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। सरकार का अनुमान है कि शुरुआती तीन वर्षों में इस पहल से लगभग 17 लाख महिलाओं को लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, "प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता से परे जाकर इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को बचत, डिजिटल वित्तीय समावेशन, सामाजिक सुरक्षा और दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता से जोड़ना है, जिससे यह देश में एक अभिनव मॉडल बन गया है।"

एक अधिकारी के मुताबिक, दिल्ली मंत्रिमंडल ने पहले इस योजना को 'महिला समृद्धि योजना' के रूप में मंजूरी दी थी। बाद में इसका नाम बदलकर 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' कर दिया गया, ताकि यह महिलाओं की गरिमा, समृद्धि और आर्थिक सशक्तिकरण की व्यापक दृष्टि को बेहतर ढंग से दर्शा सके।

दो वित्तीय विकल्प और शर्तें

यह योजना पारंपरिक नकद सहायता कार्यक्रमों से अलग है। मुख्यमंत्री के अनुसार, लाभार्थियों को अपनी ज़रूरतों के आधार पर दो वित्तीय विकल्पों में से एक को चुनने की सुविधा मिलेगी।

पहला विकल्प: हर महीने 1,000 रुपये सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) वॉलेट में जमा किए जाएँगे, जिससे रोज़मर्रा के खर्च पूरे हो सकें। शेष 1,500 रुपये एक आरडी/एफडी खाते में जमा होंगे।

दूसरा विकल्प: पूरी 2,500 रुपये की राशि हर महीने एक आरडी/एफडी में जमा की जाएगी, जिससे महिलाएँ ब्याज के साथ एक बड़ी बचत कर सकेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह योजना तत्काल सहायता के साथ-साथ दीर्घकालिक वित्तीय सुरक्षा भी प्रदान करती है।

सरकारी सहायता का सही उपयोग सुनिश्चित करने के लिए CBDC वॉलेट पर कुछ प्रतिबंध भी लगाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया, "भत्ते में जमा की गई राशि का उपयोग शराब, तंबाकू, मादक पदार्थों, लॉटरी टिकट, जुआ, सट्टेबाजी या सरकार द्वारा समय-समय पर प्रतिबंधित किसी भी अन्य सामान और सेवाओं पर नहीं किया जा सकता है।"

इनपुट: IANS

N

News4Social दिल्ली डेस्क

News4Social दिल्ली डेस्क — IANS समेत लाइसेंस-प्राप्त समाचार एजेंसियों की फीड से दिल्ली और एनसीआर से जुड़ी ताज़ा व प्रामाणिक खबरें संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशित करता है। हर खबर उसके स्रोत के श्रेय (credit) के साथ दी जाती है। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →