शुक्रवार, 11 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
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सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला, आपदा से निपटने के लिए बनेगी अपनी SDRF

दिल्ली में अब आपदाओं से निपटने और बचाव कार्यों में तेज़ी लाने के लिए राज्य का अपना 'राज्य आपदा मोचन बल' (SDRF) होगा। हाल ही में दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक पेइंग गेस्ट (PG) बिल्डिंग…

सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला, आपदा से निपटने के लिए बनेगी अपनी SDRF
(फोटो: IANS)

दिल्ली में अब आपदाओं से निपटने और बचाव कार्यों में तेज़ी लाने के लिए राज्य का अपना 'राज्य आपदा मोचन बल' (SDRF) होगा। हाल ही में दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक पेइंग गेस्ट (PG) बिल्डिंग गिरने की जानलेवा घटना के बाद, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली सरकार ने यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य राजधानी की प्राकृतिक और मानव-निर्मित आपदाओं से निपटने की क्षमता को और मजबूत करना है।

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मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, "दिल्ली में एसडीआरएफ बनाना लंबे समय से जरूरी था। देश के ज़्यादातर राज्यों ने पहले ही अपनी एसडीआरएफ बना ली है। दिल्ली जैसे घनी आबादी वाले महानगर के लिए अपनी एसडीआरएफ होना समय की जरूरत है।" उन्होंने यह भी बताया कि पिछली सरकारों के कार्यकाल में यह जरूरी व्यवस्था नहीं हो सकी थी, लेकिन अब उनकी सरकार इस दिशा में आगे बढ़ेगी ताकि आपदा के समय बाहरी मदद पर निर्भरता कम हो।

1100 कर्मियों की बटालियन का प्रस्ताव

इस योजना को लेकर दिल्ली सचिवालय में एक उच्च-स्तरीय बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री ने की। बैठक में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) के अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली में 1100 कर्मियों वाली SDRF की एक बटालियन बनाई जा सकती है। यह बटालियन राज्य सरकार के अधीन काम करेगी और किसी भी आपदा की स्थिति में सरकार के निर्देशों पर तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर प्रभावी राहत और बचाव कार्य करेगी। NDRF ने प्रस्तावित SDRF कर्मियों को जरूरी प्रशिक्षण देने और दिल्ली की भौगोलिक जरूरतों के हिसाब से विशेष उपकरण उपलब्ध कराने में भी मदद का आश्वासन दिया है।

स्थानीय स्तर पर भी होगी तैयारी

SDRF के गठन के साथ-साथ, दिल्ली सरकार ने फायर डिपार्टमेंट के कर्मचारियों और सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स को भी विशेष प्रशिक्षण देने की योजना बनाई है। इसका मकसद स्थानीय स्तर पर लोगों को जरूरी कौशल से लैस करना है ताकि वे आपदा के दौरान बेहतर तालमेल के साथ बचाव कार्यों में योगदान दे सकें। सरकार का मानना है कि आपदा के समय तेजी से कार्रवाई करना सबसे महत्वपूर्ण है, और यह कदम राजधानी के आपदा प्रबंधन सिस्टम को और असरदार बनाएगा।

इस उच्च-स्तरीय बैठक में दिल्ली के मुख्य सचिव राजीव वर्मा, NDRF के महानिदेशक पीयूष आनंद, और NDRF के महानिरीक्षक नरेंद्र बुंदेला समेत विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आपदा प्रबंधन से जुड़े उपकरणों की सूची और उनके स्टोरेज की जानकारी संबंधित विभागों से साझा करने का भी निर्देश दिया, ताकि जरूरत पड़ने पर वे तुरंत उपलब्ध हो सकें।

इनपुट: IANS

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News4Social दिल्ली डेस्क

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