BRICS Summit 2026: दिल्ली में 37 भारतीय डीप-टेक स्टार्टअप्स दिखा रहे अपनी ताकत, निवेशकों से जुड़ने का बड़ा मौका
18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की पृष्ठभूमि में, भारत की तकनीकी और नवाचारी शक्ति को दर्शाने के लिए नई दिल्ली के भारत मंडपम में दो दिवसीय 'ब्रिक्स भारत इनोवेट्स (BBI) एक्सपो' का आगाज़ हो गया है। शुक्रवार…
18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की पृष्ठभूमि में, भारत की तकनीकी और नवाचारी शक्ति को दर्शाने के लिए नई दिल्ली के भारत मंडपम में दो दिवसीय 'ब्रिक्स भारत इनोवेट्स (BBI) एक्सपो' का आगाज़ हो गया है। शुक्रवार से शुरू हुए इस एक्सपो का मुख्य उद्देश्य भारत के उच्च शिक्षा संस्थानों से निकले डीप-टेक स्टार्टअप्स को एक वैश्विक मंच प्रदान करना है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह आयोजन भारत की अध्यक्षता में हो रहे ब्रिक्स सम्मेलन की थीम “बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी” के अनुरूप है।
इस प्रदर्शनी का आयोजन शिक्षा मंत्रालय ने विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर किया है। इसके ज़रिए भारतीय स्टार्टअप्स, उच्च शिक्षा संस्थानों और रिसर्च पार्कों को दुनिया भर के उद्योगों, निवेशकों, विश्वविद्यालयों और प्रवासी भारतीय नेटवर्क से जुड़ने का अवसर मिल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी और ब्रिक्स देशों के अन्य शीर्ष नेताओं के भी इस एक्सपो का दौरा करने की संभावना है।
चुनिंदा 37 स्टार्टअप्स का प्रदर्शन
यह इस साल भारत की दूसरी बड़ी डीप-टेक प्रदर्शनी है। इससे पहले जून 2026 में फ्रांस के नीस शहर में 'भारत इनोवेट्स' का पहला संस्करण आयोजित किया गया था। उस कार्यक्रम में शामिल हुए 120 स्टार्टअप्स में से सर्वश्रेष्ठ 37 डीप-टेक स्टार्टअप्स को चुनकर इस ब्रिक्स मंच पर अपनी तकनीक और नवाचार पेश करने का मौका दिया गया है।
निवेश और साझेदारी के अवसर
यह एक्सपो शुक्रवार को ब्रिक्स बिजनेस फोरम के साथ आयोजित किया गया, जिससे भारतीय इनोवेटर्स को ब्रिक्स देशों के सीईओ, उद्योगपतियों और कारोबारियों से सीधे संवाद का मौका मिला। शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह मंच बिजनेस-टू-बिजनेस (बी2बी) साझेदारी, टेक्नोलॉजी सहयोग और निवेश की संभावनाओं को बढ़ाएगा। साथ ही, फिक्की (FICCI), सीआईआई (CII) और एसोचैम (Assocham) के सहयोग से भारतीय स्टार्टअप्स को वैश्विक स्तर पर ब्रांड पहचान और कूटनीतिक विश्वसनीयता बनाने में भी मदद मिलेगी।
गौरतलब है कि यह पहल भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत शिक्षा क्षेत्र की प्राथमिकताओं में से एक— “रिसर्च, इनोवेशन और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने”— के लक्ष्य को भी आगे बढ़ाती है।
इनपुट: IANS



