सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
उत्तर प्रदेश

लखनऊ: गोमती की बाढ़ से बचाव के लिए फैजुल्लागंज से नैमिष तक बनेगा ग्रीन कॉरिडोर जैसा तटबंध, सीएम योगी का ऐलान

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोमती नदी की बाढ़ से प्रभावित इलाकों को सुरक्षित करने के लिए एक बड़ी परियोजना की घोषणा की है। लखनऊ के फैजुल्लागंज से लेकर नैमिषारण्य तक ग्रीन कॉरिडोर की…

लखनऊ: गोमती की बाढ़ से बचाव के लिए फैजुल्लागंज से नैमिष तक बनेगा ग्रीन कॉरिडोर जैसा तटबंध, सीएम योगी का ऐलान
(फोटो: IANS)

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोमती नदी की बाढ़ से प्रभावित इलाकों को सुरक्षित करने के लिए एक बड़ी परियोजना की घोषणा की है। लखनऊ के फैजुल्लागंज से लेकर नैमिषारण्य तक ग्रीन कॉरिडोर की तर्ज पर एक तटबंध का निर्माण किया जाएगा, जिस पर आवागमन के लिए सड़क भी होगी। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री ने सोमवार को बख्शी का तालाब क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित इलाकों के दौरे के दौरान यह ऐलान किया।

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सीएम योगी ने बताया कि इस तटबंध को स्वीकृति दे दी गई है और धनराशि भी जारी कर दी गई है। मानसून समाप्त होते ही इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा, "तटबंध को हर मौसम में उपयोगी बनाने के साथ उस पर आवागमन की व्यवस्था भी की जाएगी।" इस योजना का उद्देश्य बाढ़ से बचाव के साथ-साथ क्षेत्र में यातायात को भी सुगम बनाना है।

बाढ़ के कारण और राहत कार्य

मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले 10 दिनों में प्रदेश के 50 से ज़्यादा जिलों में भारी बारिश हुई है। इसके अलावा पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, सीतापुर और नेपाल में हुई बारिश का पानी पांच-छह दिन बाद नीचे पहुंचने से गोमती का जलस्तर बढ़ गया, जिससे बख्शी का तालाब, लखनऊ उत्तर और फैजुल्लागंज से नैमिष तक के इलाके में बाढ़ जैसे हालात बन गए। सीएम योगी ने प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने सिंचाई विभाग के प्रमुख सचिव को तटबंध का विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, पंपिंग सेट लगाकर आबादी वाले क्षेत्रों में जमा पानी को नदी में निकालने की व्यवस्था करने को भी कहा है।

प्रभावितों के लिए सरकार की घोषणाएं

बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिया। उन्होंने बताया कि आपदा की इस घड़ी में "डबल इंजन सरकार" उनके साथ खड़ी है। पीड़ितों को 26 ज़रूरी वस्तुओं वाली राहत सामग्री किट दी जा रही है। इसके अलावा, बाढ़ से जुड़ी विभिन्न स्थितियों के लिए मुआवज़े का भी ऐलान किया गया:

  • जनहानि: बाढ़ में डूबने या आकाशीय बिजली से मृत्यु होने पर परिवार को तत्काल 4 लाख रुपए की सहायता।
  • मकान क्षति: घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने पर प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत नया आवास।
  • फसल नुकसान: राहत कार्यों के बाद सर्वे कराकर किसानों को मुआवज़ा दिया जाएगा।
  • पशुहानि: पशुओं के नुकसान की भी भरपाई की जाएगी।

सीएम योगी ने अधिकारियों को राहत शिविरों में गर्म भोजन, बच्चों के लिए दूध और पशुओं के लिए चारे की उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। साथ ही, स्वास्थ्य केंद्रों पर एंटी-स्नेक वेनम और एंटी-रेबीज इंजेक्शन की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने यह भी बताया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने फोन पर बाढ़ की स्थिति की जानकारी ली और तटबंध निर्माण के फैसले का समर्थन किया।

इनपुट: IANS

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News4Social उत्तर प्रदेश डेस्क

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