6G टेक्नोलॉजी में भारत बनेगा 'स्टैंडर्ड मेकर', वैश्विक पेटेंट में 10% हिस्सेदारी का लक्ष्य: ज्योतिरादित्य सिंधिया
भारत अब दूरसंचार की दुनिया में सिर्फ टेक्नोलॉजी का उपभोक्ता नहीं रहेगा, बल्कि 6G जैसी भविष्य की तकनीक के लिए मानक तय करने वाला देश बनेगा। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोमवार को यह…
भारत अब दूरसंचार की दुनिया में सिर्फ टेक्नोलॉजी का उपभोक्ता नहीं रहेगा, बल्कि 6G जैसी भविष्य की तकनीक के लिए मानक तय करने वाला देश बनेगा। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोमवार को यह घोषणा करते हुए कहा कि भारत का लक्ष्य 6G तकनीक से जुड़े कुल वैश्विक पेटेंट में 10 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करना है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा कि यह बदलाव देश को भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था में नेतृत्व की भूमिका दिलाएगा।
सिंधिया ने कहा कि 2G से लेकर 5G तक के दौर में भारत हमेशा दूसरे देशों द्वारा बनाए गए मानकों का पालन करता रहा, लेकिन 6G के साथ यह स्थिति पूरी तरह बदल रही है। उन्होंने जोर देकर कहा, "अब भारत वैश्विक मानक निर्धारण प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार बन रहा है।" उनके अनुसार, देश अब सिर्फ 'स्टैंडर्ड टेकर' नहीं, बल्कि 'स्टैंडर्ड मेकर' और टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म विकसित करने वाला बन रहा है, जो इसकी तकनीकी और अनुसंधान शक्ति का प्रतीक है।
गुणवत्ता और नवाचार: 'विकसित भारत' की नींव
इंडियन फाउंडेशन फॉर क्वालिटी मैनेजमेंट (IFQM) के एक कार्यक्रम में बोलते हुए, सिंधिया ने कहा कि 'विकसित भारत 2047' का लक्ष्य केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं है। इसकी मजबूत नींव गुणवत्ता, मानक और नवाचार पर टिकी है। उन्होंने कहा कि भारत की वैश्विक पहचान उसकी उत्पादन क्षमता के साथ-साथ गुणवत्ता और विश्वसनीयता से भी बनेगी।
केंद्रीय मंत्री ने कहा, "गुणवत्ता, नवाचार और तकनीकी नेतृत्व का संयोजन भारत को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिला सकता है।" उन्होंने IFQM की सराहना करते हुए इसे राष्ट्र निर्माण का एक उत्कृष्ट उदाहरण बताया और कहा कि देश में गुणवत्ता-आधारित संस्कृति को बढ़ावा देने के प्रयास तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
"ब्रांड इंडिया" को मिलेगी वैश्विक मजबूती
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि किसी भी देश का ब्रांड मूल्य उसके गुणवत्ता मानकों से तय होता है। भारत के लिए यह "ब्रांड इंडिया" को वैश्विक स्तर पर मजबूत करने का एक बड़ा अवसर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि भारत विश्वस्तरीय मानकों को अपनाने के साथ-साथ उन्हें बनाने में भी अग्रणी भूमिका निभाता है, तो "ब्रांड इंडिया" की विश्वसनीयता और प्रभाव दोनों में बढ़ोतरी होगी। सिंधिया ने यह भी बताया कि 'भारत 6G एलायंस' इस लक्ष्य की दिशा में लगातार काम कर रहा है और कई वैश्विक पेटेंट पहले ही दाखिल कर चुका है।
इनपुट: IANS



