उत्तर कोरिया ने जानबूझकर बिछाईं बारूदी सुरंगें, विस्फोट में 3 दक्षिण कोरियाई सैनिक घायल: सैन्य जांच
कोरियाई प्रायद्वीप के विसैन्यीकृत क्षेत्र (DMZ) में पिछले महीने हुए एक बारूदी सुरंग विस्फोट के लिए दक्षिण कोरियाई सेना ने उत्तर कोरिया को जिम्मेदार ठहराया है। सोमवार को जारी एक जांच रिपोर्ट में दावा…
कोरियाई प्रायद्वीप के विसैन्यीकृत क्षेत्र (DMZ) में पिछले महीने हुए एक बारूदी सुरंग विस्फोट के लिए दक्षिण कोरियाई सेना ने उत्तर कोरिया को जिम्मेदार ठहराया है। सोमवार को जारी एक जांच रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यह विस्फोट उत्तर कोरिया द्वारा जानबूझकर बिछाई गई एंटी-पर्सनल माइंस की वजह से हुआ, जिसमें तीन दक्षिण कोरियाई सैनिक घायल हो गए थे। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण कोरियाई सेना ने संयुक्त राष्ट्र कमान (UNC) के साथ मिलकर इस घटना की विस्तृत जांच पूरी कर ली है।
21 सितंबर को हुए इस धमाके में दो सैनिकों के टखनों में गंभीर चोटें आईं, जबकि एक अन्य सैनिक को हल्की चोटें लगी थीं। जांच के बाद ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ (JCS) के उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल क्वोन डे-वोन ने बताया कि विस्फोट में इस्तेमाल की गई सुरंगों के अवशेष उत्तर कोरियाई सुरंगों में इस्तेमाल होने वाली सामग्री से मेल खाते हैं। घायल सैनिकों के शरीर से मिले टुकड़ों की बनावट भी पहले इमजिन नदी से बरामद उत्तर कोरियाई प्लास्टिक सुरंगों जैसी ही है।
सबूत और दक्षिण कोरिया का दावा
सेना के अनुसार, ये बारूदी सुरंगें सैन्य सीमांकन रेखा (MDL) से लगभग 10 मीटर दक्षिण में जमीन के 3 से 10 सेंटीमीटर नीचे दबाई गई थीं। इससे यह संकेत मिलता है कि वे बाढ़ में बहकर नहीं आईं, बल्कि उन्हें जानबूझकर लगाया गया था। संयुक्त राष्ट्र कमान (UNC) ने भी इस निष्कर्ष पर सहमति जताते हुए अनुमान लगाया है कि इन्हें करीब 12 महीने पहले लगाया गया होगा।
इस घटना के बाद दक्षिण कोरियाई सेना ने सोमवार दोपहर करीब 12:51 बजे प्रभावित क्षेत्र में बारूदी सुरंगों को हटाने का अभियान चलाया। सेना ने इसे उत्तर कोरिया की कार्रवाई के खिलाफ एक प्रभावी कदम बताया है और चेतावनी दी है कि यदि प्योंगयांग अपनी बिछाई सुरंगें नहीं हटाता है तो यह अभियान जारी रहेगा।
बढ़ता तनाव और उत्तर कोरिया का इनकार
दक्षिण कोरिया ने उत्तर कोरिया से इस घटना के लिए माफी मांगने और युद्धविराम समझौते का उल्लंघन कर लगाई गई सभी बारूदी सुरंगों को तत्काल हटाने की मांग की है। 1950-53 के कोरियाई युद्ध को समाप्त करने वाले समझौते के तहत DMZ में किसी भी तरह की शत्रुतापूर्ण गतिविधि प्रतिबंधित है।
हालांकि, उत्तर कोरिया ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है। नेता किम जोंग-उन की बहन किम यो-जोंग ने दक्षिण कोरिया के निष्कर्षों को मनगढ़ंत बताया और किसी भी जवाबी कार्रवाई के खिलाफ चेतावनी दी। गौरतलब है कि उत्तर कोरिया ने अप्रैल 2024 से सीमा पर अपनी सुरक्षा बढ़ा दी है, जिसमें बाड़ लगाना, बारूदी सुरंगें बिछाना और टैंक रोधी अवरोधक बनाना शामिल है।
इनपुट: IANS



