शनिवार, 3 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
टेक्नोलॉजी

एप्पल मैक यूज़र्स की प्राइवेसी होगी और मज़बूत, डेटा एक्सेस पर बढ़ाई जाएगी सख्ती

एप्पल अपने मैक कंप्यूटर्स के लिए एक बड़ा प्राइवेसी अपडेट लाने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत, किसी भी ऐप को कंप्यूटर की पूरी हार्ड डिस्क का एक्सेस (Full Disk Access) देने की प्रक्रिया को और सख्त बनाया…

एप्पल मैक यूज़र्स की प्राइवेसी होगी और मज़बूत, डेटा एक्सेस पर बढ़ाई जाएगी सख्ती
(फोटो: IANS)

एप्पल अपने मैक कंप्यूटर्स के लिए एक बड़ा प्राइवेसी अपडेट लाने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत, किसी भी ऐप को कंप्यूटर की पूरी हार्ड डिस्क का एक्सेस (Full Disk Access) देने की प्रक्रिया को और सख्त बनाया जाएगा। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह कदम कुछ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एजेंट ऐप्स से जुड़ी चिंताओं के बाद उठाया गया है, जिन पर यूज़र्स का निजी डेटा चुपके से पढ़ने के आरोप लगे हैं।

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दरअसल, 'फुल डिस्क एक्सेस' एक ऐसी अनुमति है जो किसी ऐप को आपके कंप्यूटर में मौजूद लगभग हर फाइल और डेटा तक पहुँचने की इजाज़त दे देती है, जिसमें आपके निजी मैसेज से लेकर सभी तरह की फाइलें शामिल हैं। यह फीचर मुख्य रूप से बैकअप या सिस्टम की देखरेख करने वाले सॉफ्टवेयर्स के लिए बनाया गया था।

क्यों पड़ी इस बदलाव की ज़रूरत?

एप्पल ने अपने एक बयान में बताया कि कुछ डेवलपर्स इस पावरफुल फीचर का इस्तेमाल उन तरीकों से कर रहे हैं, जो यूज़र्स को खतरे में डाल सकते हैं। कंपनी ने कहा, "यूज़र्स की पूरी जानकारी और समझ के बिना यह उनके सिस्टम की हर चीज को एक्सपोज कर रहा है।" रिपोर्ट्स के मुताबिक, मेटा के 'म्यूज़' जैसे AI एजेंट ऐप्स इसी तरह काम करते हैं। ये ऐप यूज़र्स के जटिल काम तो करते हैं, लेकिन साथ ही उनके निजी मैसेज तक भी पहुँच जाते हैं। 'म्यूज़' ने हाल ही में 50 लाख डाउनलोड्स का आंकड़ा पार किया है।

अब क्या बदलेगा?

इस जोखिम को कम करने के लिए एप्पल अब ज़्यादा स्पष्ट चेतावनी वाले प्रॉम्प्ट (Prompts) दिखाएगा। जब भी कोई थर्ड-पार्टी ऐप फुल डिस्क एक्सेस मांगेगा, तो मैक यूज़र्स से साफ़ तौर पर पूछा जाएगा कि क्या वे ऐप को अपने सिस्टम के उस हिस्से तक पहुंच देना चाहते हैं। एप्पल का कहना है, "हम यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि यूज़र्स ऐसी पहुंच देने से पहले इन जोखिमों को स्पष्ट रूप से समझें, ताकि वे अपने डेटा और प्राइवेसी के बारे में सोच-समझकर फैसला ले सकें।"

कंपनी ने यह भी चेताया कि जैसे-जैसे AI एजेंट और ज़्यादा एडवांस और ऑटोमेटिक होते जाएंगे, फुल डिस्क एक्सेस से जुड़े खतरे भी काफी बढ़ जाएंगे। कंपनी ने ज़ोर देकर कहा कि कम्यूनिकेशन ऐप्स के मामले में यह उन लोगों की प्राइवेसी को भी खतरे में डाल सकता है जिनसे यूज़र्स बात कर रहे हैं।

इनपुट: IANS

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