धराली आपदा का एक साल: सरकारी मदद से पटरी पर लौट रही ज़िंदगी, जानें अब तक क्या-क्या हुआ
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में धराली-हर्षिल क्षेत्र को तबाह करने वाली भीषण प्राकृतिक आपदा को एक साल बीत चुका है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में जिला प्रशासन अब प्रभावितों के पुनर्वास…
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में धराली-हर्षिल क्षेत्र को तबाह करने वाली भीषण प्राकृतिक आपदा को एक साल बीत चुका है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में जिला प्रशासन अब प्रभावितों के पुनर्वास और क्षेत्र के पुनर्निर्माण कार्यों को तेज़ी से आगे बढ़ा रहा है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रभावित परिवारों को आर्थिक मदद से लेकर आवास और आजीविका के साधन उपलब्ध कराने पर ज़ोर दिया जा रहा है।
प्रशासन का दावा है कि भविष्य में ऐसी आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए सुरक्षात्मक परियोजनाओं पर भी काम चल रहा है। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि प्रभावित परिवारों का सुरक्षित और स्थायी पुनर्वास सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि सभी विभागों के समन्वय से पुनर्निर्माण कार्यों की नियमित समीक्षा की जा रही है।
प्रभावित परिवारों को मिली आर्थिक सहायता
इस आपदा में जान गंवाने वालों के आश्रितों को SDRF मानकों के तहत 4 लाख रुपए और मुख्यमंत्री राहत कोष से 1 लाख रुपए, यानी कुल 5 लाख रुपए की सहायता दी गई है। शासन के दिशानिर्देशों के अनुसार, 19 लापता लोगों को मृत घोषित कर उनके परिजनों को भी यह मदद पहुँचाई जा चुकी है। इसके अलावा, 18 घायलों को भी निर्धारित मानकों के तहत मुआवज़ा दिया गया।
आपदा में पूरी तरह तबाह हुए 115 मकानों के मालिकों को 5-5 लाख रुपए की दर से कुल 5.75 करोड़ रुपए दिए गए। जिन 115 परिवारों के घर पूरी तरह नष्ट हो गए थे, उन्हें छह महीने तक 4,000 रुपए प्रति माह की दर से किराया भत्ता भी मुहैया कराया गया। आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त घरों के मालिकों को भी नियमानुसार राहत राशि वितरित की गई।
अर्थव्यवस्था और बुनियादी ढाँचे का पुनर्निर्माण
स्थानीय अर्थव्यवस्था को फिर से खड़ा करने के लिए धराली और हर्षिल के होटल व दुकान संचालकों को मुख्यमंत्री राहत कोष से मदद दी गई, जिसके तहत होटल मालिकों को अब तक 6.83 करोड़ रुपए से अधिक की राशि बांटी जा चुकी है। सिंचाई विभाग ने भागीरथी, खीर गाड़ और तेल गाड़ नदियों में तट सुरक्षा और चैनलाइजेशन जैसे 15 सुरक्षात्मक कार्यों के लिए लगभग 3.85 करोड़ रुपए स्वीकृत किए, जिनमें से अधिकांश पूरे हो चुके हैं। वहीं, लोक निर्माण विभाग ने 88.25 लाख रुपए की लागत से धराली पुल और हर्षिल मोटर मार्ग समेत सभी स्वीकृत काम पूरे कर लिए हैं, जिससे आवागमन सामान्य हो गया है।
बागवानी और कृषि क्षेत्र को सहारा
बागवानी क्षेत्र को पुनर्जीवित करने के लिए उद्यान विभाग ने 2.34 करोड़ रुपए की योजनाएं चलाईं। इसके तहत 256.83 मीट्रिक टन सेब खरीदकर 1.15 करोड़ रुपए से अधिक की राशि सीधे बागवानों के खातों में भेजी गई। कृषि विभाग ने भी 40.92 लाख रुपए की लागत से 274 किसानों को कृषि यंत्र और अन्य सामग्री 100% अनुदान पर उपलब्ध कराई है। पशुपालन विभाग ने आपदा में मरे 235 पशुओं के लिए 13 पशुपालकों को 10.94 लाख रुपए का मुआवज़ा दिया।
इनपुट: IANS



