बुधवार, 5 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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इमरान खान को तत्काल रिहा करे पाकिस्तान: एमनेस्टी इंटरनेशनल ने की निष्पक्ष सुनवाई और अधिकारों की बहाली की मांग

अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल ने पाकिस्तान सरकार से पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की तत्काल रिहाई की मांग की है। संगठन का कहना है कि इमरान खान को राजनीतिक कारणों से कैद में रखा गया…

इमरान खान को तत्काल रिहा करे पाकिस्तान: एमनेस्टी इंटरनेशनल ने की निष्पक्ष सुनवाई और अधिकारों की बहाली की मांग
(फोटो: IANS)

अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल ने पाकिस्तान सरकार से पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की तत्काल रिहाई की मांग की है। संगठन का कहना है कि इमरान खान को राजनीतिक कारणों से कैद में रखा गया है और उन्हें व्यवस्थित रूप से निष्पक्ष सुनवाई के अधिकार से वंचित किया जा रहा है। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, एमनेस्टी ने मंगलवार को यह अपील जारी की।

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संगठन ने इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को कैद में रखने की स्थितियों पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। रिपोर्ट के मुताबिक, खान को लंबे समय से एकांत कारावास में रखा गया है, जिसके चलते उनकी आंखों की रोशनी पर भी काफी असर पड़ा है। साथ ही, उन्हें पिछले आठ महीनों से अपने परिवार से मिलने नहीं दिया गया है और उनकी चिकित्सा सुविधाओं को भी सीमित कर दिया गया है।

कानूनी और पारिवारिक अधिकारों का हनन

एमनेस्टी इंटरनेशनल की दक्षिण एशिया के लिए कार्यवाहक क्षेत्रीय निदेशक, इसाबेल लासी के अनुसार, "पिछले तीन वर्षों से पाकिस्तान के अधिकारियों ने इमरान खान को निष्पक्ष सुनवाई के अधिकार से व्यवस्थित रूप से वंचित रखा है।" उन्होंने बताया, "दिसंबर 2025 से इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी खान, दोनों को नियमित रूप से अपने कानूनी सलाहकारों से मिलने की अनुमति भी नहीं दी जा रही है।" संगठन ने मांग की है कि दोनों को उचित चिकित्सा सुविधा दी जाए और उनके कथित गैरकानूनी एकांत कारावास को तुरंत खत्म किया जाए।

शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार की अपील

इमरान खान की गिरफ्तारी की पहली बरसी (5 अगस्त) के मौके पर संभावित विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए एमनेस्टी ने अधिकारियों से विशेष अपील की है। इसाबेल लासी ने कहा, "इमरान खान की गिरफ्तारी की वर्षगांठ पर उनके परिवार, पार्टी और समर्थकों की ओर से आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों से पहले, अधिकारियों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार को सुनिश्चित करना चाहिए।" उन्होंने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के खिलाफ मनमानी और गैरकानूनी कार्रवाई न दोहराने का भी आग्रह किया।

गिरफ्तारी और कानूनी मामले

एमनेस्टी इंटरनेशनल ने कहा कि 2024 में खान के खिलाफ दर्ज मामलों के विश्लेषण से यह निष्कर्ष निकला कि उनकी कैद गैरकानूनी और राजनीतिक रूप से प्रेरित थी। गौरतलब है कि इमरान खान को पहली बार 9 मई 2023 को गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद देश भर में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे। उन्हें 5 अगस्त 2023 को फिर से गिरफ्तार किया गया और वे तभी से हिरासत में हैं। संगठन ने यह भी बताया कि 9 मई 2023 और 26 नवंबर 2024 के प्रदर्शनों के बाद पीटीआई के कई नेताओं और समर्थकों को मनमाने ढंग से गिरफ्तार किया गया था, जिनमें से कई अभी भी आतंकवाद के आरोपों में हिरासत में हैं।

इनपुट: IANS

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