आधार कार्ड के उपयोग से सम्बंधित कई चीज़ों के बदलाव के लिए UC ने दी मंजूरी

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आधार कार्ड को लोगों के लिए अनुकूल बनाने हेतु प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को “आधार और अन्य कानून (संशोधन) विधेयक, 2019 को मंजूरी दी। प्रस्तावित संशोधन अध्यादेश के समान हैं।

यह ध्यान ध्यान देने वाली बात हैं कि आधार और अन्य कानून (संशोधन) अध्यादेश को कैबिनेट ने फरवरी 2019 में माना था। बैठक और अध्यादेश को राष्ट्रपति द्वारा 2 मार्च, 2019 को प्रख्यापित किया गया था। विधेयक संसद के आगामी सत्र में पेश किया जाएगा।

इस संशोधन के बाद किसी भी व्यक्ति को अपनी पहचान स्थापित करने के उद्देश्य से आधार नंबर के प्रमाण देने या प्रमाणीकरण से गुजरने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा।यह नियम तब लागू होगा जब यह संसद द्वारा बनाए गए कानून द्वारा प्रदान नहीं किया जाता है। बैंक खातों को खोलने में आम जनता की सुविधा के लिए प्रस्तावित संशोधन स्वैच्छिक आधार पर प्रमाणीकरण के लिए आधार नंबर का उपयोग किया जा सकेगा जिस तरह अभी टेलीग्राफ अधिनियम, 1885 के तहत KYC दस्तावेज़ स्वीकार्य किये जाते हैं।

संशोधनों की मुख्य विशेषताएं:

  1. इस संसोधन के तहत आधार कार्ड धारक व्यक्ति अपने आधार नंबर द्वारा बाओमेट्रिक सत्यापन करा सकेगा।
  2. आधार की गोपनीयता के लिए केवल 12 अंको का आधार नंबर देने की सुविधा होगी जिससे व्यक्ति की वास्तविक आधार नंबर छुप सके।
  3. इस संशोधन के तहत उन बच्चों के लिए एक विकल्प होगा जो आधार नंबर धारक हैं और वे अठारह वर्ष की आयु प्राप्त करने पर आधार नंबर को रद्द कर सकते हैं।
  4. किसी संस्था को प्रमाणीकरण की अनुमति केवल तभी होगी जब वे प्राधिकरण द्वारा निर्दिष्ट गोपनीयता और सुरक्षा के मानकों के अनुरूप हों या प्रमाणीकरण की अनुमति संसद द्वारा बनाए गए किसी कानून के तहत हो।
  5. स्वीकार्य KYC दस्तावेज़ के रूप में स्वैच्छिक आधार पर प्रमाणीकरण के लिए आधार नंबर के उपयोग की अनुमति देता है।
  6. निजी संस्थाओं द्वारा आधार के उपयोग से संबंधित आधार अधिनियम की धारा 57 को हटाने का प्रस्ताव है।
  7. प्रमाणन से इनकार करने या असमर्थ होने के लिए सेवाओं को अस्वीकार करने से रोकता है। इससे प्रमाणीकरण न होने पे कोई भी अधिकारी किसी को राशन लेने से मना नहीं कर सकेगा। यह समस्या आदिवासी इलाकों में ज्यादा देखी जाती है जहाँ राशन न मिलने पर कोई भूखों मर जाता है।
  8. भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण की स्थापना के लिए धन प्रदान करता है।
  9. नागरिक दंड, उसके अधिनिर्णय, आधार अधिनियम के उल्लंघन और आधार सिस्टम में संस्थाओं द्वारा प्रावधानों के संबंध में अपील करता है।

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