सोमवार, 29 जून 2026 · नई दिल्ली
संस्कृति

इस साल UNESCO ने विश्व धरोहर स्थल में इन जगहों को किया शामिल

प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी संयुक्त राष्ट्र की सांस्कृतिक संस्था 'संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन (UNESCO) ने अपनी विश्व धरोहरों की…

इस साल UNESCO ने विश्व धरोहर स्थल में इन जगहों को किया शामिल

प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी संयुक्त राष्ट्र की सांस्कृतिक संस्था 'संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन (UNESCO) ने अपनी विश्व धरोहरों की सूची में नई इमारतों और जगहों को संरक्षण के लिए शामिल किया है। इस बार भारत का एक पूरा शहर जयपुर भी शामिल किया है। ज्ञात हों कि UNESCO इनको विश्व धरोहर स्थल में शामिल करने के बाद इनके रखरखाव और सुरक्षा के लिए फण्ड प्रदान करता है। आइये जानते 2019 में UNESCO ने किन स्थलों को शामिल किया है।

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भारत का जयपुर शहर

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राजस्थान की राजधानी और 'पिंक सिटी' के नाम से मशहूर जयपुर को इस साल UNESCO की विश्व धरोहर की सूची में शामिल किया गया है। जयपुर अपनी ख़ूबसूरती के साथ साथ कई इतिहास समेटे हुए है। यहाँ की कई इमारतें 1727 में इसकी स्थापना के समय की हैं, जो आज भी बेहद खूबसूरत नज़र आती हैं। यहाँ दुनिया भर से पर्यटक जयपुर शहर का दीदार करने आते हैं। प्राचीन इमारतें यहाँ खास आकर्षण का केंद्र रहती है।

बगान, म्यांमार

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म्यांमार की ये प्राचीन राजधानी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है। यहां हज़ारो बुद्ध मंदिर हैं। थोड़ी दूरी से देखने पर हज़ारों मंदिरों वाली ये जगह बेहद खूबसूरत नज़र आती है।

फ्रेंच ऑस्ट्रल लैंड्स एंड सीज

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ये जगह दक्षिणी समुद्र के बीचों-बीच है. छोटे-छोटे इन द्वीपों को यूनेस्को की नए विश्व धरोहरों की लिस्ट में शामिल किया गया है। यहां पर दुनिया में सबसे बड़ी तादाद में पक्षी और जल जीव पाए जाते हैं। इनमें किंग पेंग्विन भी शामिल हैं। यहाँ दुनिया में किंग पेंगुइन और पीले-नाक वाले अल्बाट्रोस की सबसे बड़ी आबादी पायी जाती है।

प्राचीन जापान की माउंडेड टॉम्ब्स

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जापान के ओसाका प्रांत में 49 मक़बरे हैं, जो तीसरी से छठी सदी के ज़माने के हैं। यहां अलग-अलग आकार के टीले हैं, जिनमें चाबी लगाने वाले छेद की तरह दिखने वाला एक बड़ा-सा टीला भी शामिल है. इस टीले का नाम सम्राट निनटोकू के नाम पर रखा गया है और ये जापान का सबसे बड़ा मक़बरा है।

प्लेन ऑफ जार, लाओस

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प्लेन ऑफ जार बड़े-बड़े पत्थरों से बने मटके की तरह होते है। ये जगह सेंट्रल लाओस में है। प्लेन ऑफ जार लाओस में एक महापाषाणकालीन पुरातात्विक परिदृश्य है। इसमें हज़ारों पत्थर के जार ऊपर की घाटियों और ज़ियांगखोआंग पठार के केंद्रीय मैदान की निचली तलहटी के आसपास बिखरे हुए हैं। जार ज्यादातर समूहों में व्यवस्थित होते हैं जिनकी संख्या एक से कई सौ तक होती है।

इराक का बेबीलोन

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इराक का प्राचीन शहर बेबीलोन भी UNESCO की लिस्ट में शामिल किया गया है। इराक में सियासी उठापटक और आतंकवादी गतिविधियों की वजह से इस जगह को काफी नुकसान पहुंचा था, लेकिन हाल में यहां मरम्मत का काम किया गया है।

आइसलैंड का वातनाजोकुल राष्ट्रीय पार्क

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2004 में iningvellir राष्ट्रीय उद्यान और 2008 में ज्वालामुखी द्वीप सूरतीसे के बाद वातनाजोकुल राष्ट्रीय उद्यान विश्व धरोहर सूची में शामिल होने वाला आइसलैंड का तीसरा स्थान बन गया। वातनाजोकुल राष्ट्रीय पार्क ज्वालामुखीय क्षेत्र आइसलैंड के 14% हिस्से में फैला है। इस पार्क में बहुत से ग्लेशियर हैं. इसके अलावा यहां कई खूबसूरत प्राकृतिक जीव, लावा फील्ड्स और अनोखे जीव जंतु पाए जाते हैं।

PV

Pradeep Verma

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