प्रख्यात पंडवानी गायिका तीजन बाई का निधन, राष्ट्रपति और गृह मंत्री समेत कई हस्तियों ने दी श्रद्धांजलि
पंडवानी लोककला को अपनी अनूठी गायन शैली से विश्व पटल पर स्थापित करने वालीं प्रख्यात कलाकार तीजन बाई अब हमारे बीच नहीं रहीं। पद्म विभूषण से सम्मानित तीजन बाई के निधन पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से लेकर
पंडवानी लोककला को अपनी अनूठी गायन शैली से विश्व पटल पर स्थापित करने वालीं प्रख्यात कलाकार तीजन बाई अब हमारे बीच नहीं रहीं। पद्म विभूषण से सम्मानित तीजन बाई के निधन पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय समेत देशभर की प्रमुख हस्तियों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, सभी ने उनके निधन को कला और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने तीजन बाई को याद करते हुए कहा, "प्रख्यात पंडवानी कलाकार तीजन बाई के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। उन्होंने अपनी सशक्त आवाज, प्रभावशाली उपस्थिति और अनोखी प्रस्तुति से महाभारत की कथाओं को मंच पर जीवंत किया।" राष्ट्रपति ने उनके योगदान को स्मरणीय बताते हुए कहा कि तीजन बाई ने अपनी विलक्षण प्रतिभा, समर्पण और वर्षों की साधना से छत्तीसगढ़ की समृद्ध पंडवानी परंपरा को देश-विदेश में पहचान दिलाई।
कला जगत के लिए अपूरणीय क्षति
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा कि तीजन बाई का निधन कला जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा, "अपनी अद्वितीय प्रतिभा और समर्पण से उन्होंने पंडवानी लोककला को विशिष्ट पहचान दिलाई। छत्तीसगढ़ की इस लोककला के संवर्धन में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।" इसी तरह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए लिखा, "भारतीय लोककला व सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन में उनका योगदान अविस्मरणीय है।"
राजकीय सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार
तीजन बाई को श्रद्धांजलि देने के लिए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रायपुर एम्स पहुंचे और उनके पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित किया। उन्होंने घोषणा की है कि तीजन बाई का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा, "तीजन बाई का निधन छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और सांस्कृतिक विरासत के लिए अपूरणीय क्षति है। उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।"
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह ने भी उनके निधन पर गहरा दुख जताया। रमन सिंह ने लिखा, "आज पंडवानी का एक सुर सदा के लिए शांत हो गया है।" वहीं, भूपेश बघेल ने कहा कि तीजन बाई ने अपने गायन से पंडवानी विधा को सजीव रखा और छत्तीसगढ़ का नाम विश्व पटल पर गौरवान्वित किया।
इनपुट: IANS



