शनिवार, 15 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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पश्चिम बंगाल: फरार खदान मालिक तुलु मंडल से रिश्तों के आरोप में वरिष्ठ सरकारी अधिकारी गिरफ्तार

पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में अवैध पत्थर खनन मामले में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। फरार चल रहे खदान मालिक तुलु मंडल उर्फ मोहम्मद नजीबुद्दीन से कथित संबंधों के चलते राज्य के भूमि एवं भू-राजस्व…

पश्चिम बंगाल: फरार खदान मालिक तुलु मंडल से रिश्तों के आरोप में वरिष्ठ सरकारी अधिकारी गिरफ्तार
(फोटो: IANS)

पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में अवैध पत्थर खनन मामले में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। फरार चल रहे खदान मालिक तुलु मंडल उर्फ मोहम्मद नजीबुद्दीन से कथित संबंधों के चलते राज्य के भूमि एवं भू-राजस्व विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, गिरफ्तार अधिकारी की पहचान प्रोबीर दास के रूप में हुई है, जो सूरी उपमंडल कार्यालय में मुख्य सहायक के पद पर तैनात थे।

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बीरभूम जिला पुलिस की एक टीम ने शनिवार को सूरी स्थित दास के आवास पर रात भर छापेमारी की और फिर उन्हें हिरासत में ले लिया। अदालत में पेशी के बाद प्रोबीर दास को छह दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।

छापेमारी में मिले अहम सुराग

सरकारी वकील बिवास चट्टोपाध्याय ने अदालत को बताया कि छापेमारी के दौरान प्रोबीर दास के घर से पांच मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। उन्होंने कहा कि जांचकर्ताओं को ऐसे सबूत हाथ लगे हैं, जो तुलु मंडल के अवैध पत्थर खनन और व्यापारिक गतिविधियों में दास की संलिप्तता की ओर इशारा करते हैं। हालांकि, दास की पत्नी साथी दास ने अपने पति को निर्दोष बताया है और इन आरोपों से किसी भी तरह का संबंध होने से इनकार किया है।

कौन है फरार तुलु मंडल?

तुलु मंडल का नाम इस महीने की शुरुआत में तब सुर्खियों में आया, जब उसके एक करीबी रिश्तेदार मीनार मंडल के घर से भारी मात्रा में नकदी और सोना बरामद हुआ था। इस छापेमारी में 28 करोड़ रुपए नकद और करीब 22 करोड़ रुपए कीमत का 15 किलो सोना मिला था। पूछताछ में मीनार ने बताया था कि यह सब तुलु मंडल का है और उसे सिर्फ इसे अपने पास रखने की जिम्मेदारी दी गई थी।

इस बड़ी बरामदगी के बाद से ही तुलु मंडल फरार है और बीरभूम जिला पुलिस के साथ-साथ प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी उसकी तलाश कर रहा है। अदालत ने उसके खिलाफ 'हुलिया' (भगोड़े की जानकारी देने वाला नोटिस) और 'रेड कॉर्नर' नोटिस भी जारी किया है।

तृणमूल कांग्रेस से भी जुड़े हैं तार

बताया जाता है कि तुलु मंडल ने एक दिहाड़ी मजदूर के तौर पर अपना जीवन शुरू किया था, लेकिन ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार के दौरान वह बहुत तेजी से अमीर हो गया। उसे बीरभूम जिले के पूर्व टीएमसी अध्यक्ष अनुब्रत मंडल का करीबी भी माना जाता है, जिन्हें करोड़ों के मवेशी तस्करी मामले में CBI और ED पहले ही गिरफ्तार कर चुकी हैं।

इनपुट: IANS

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News4Social पश्चिम बंगाल डेस्क

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