पेटीएम पेमेंट्स बैंक अब होगा बंद, दिल्ली हाईकोर्ट ने परिसमापन के लिए अधिकारी नियुक्त किया
नियामकीय उल्लंघनों के चलते अपना बैंकिंग लाइसेंस गंवा चुके पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (PPBL) को बंद करने की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुँच गई है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मंगलवार को जानकारी दी…
नियामकीय उल्लंघनों के चलते अपना बैंकिंग लाइसेंस गंवा चुके पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (PPBL) को बंद करने की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुँच गई है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मंगलवार को जानकारी दी कि दिल्ली हाईकोर्ट ने बैंक के परिसमापन (winding-up) का आदेश जारी कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह फैसला आरबीआई द्वारा बैंक का लाइसेंस रद्द किए जाने के कुछ महीनों बाद आया है।
दिल्ली हाईकोर्ट ने यह आदेश बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट, 1949 और कंपनी अधिनियम, 2013 के प्रावधानों के तहत दिया है। आरबीआई ने एक बयान में स्पष्ट किया कि अदालत ने 8 जुलाई और 22 जुलाई, 2026 की तारीख वाले आदेशों के ज़रिए यह निर्देश जारी किया। अदालत के इस कदम के साथ ही पेटीएम पेमेंट्स बैंक के संचालन का अध्याय औपचारिक रूप से समाप्त हो जाएगा।
परिसमापन की प्रक्रिया और ज़िम्मेदारी
बैंक को बंद करने की पूरी प्रक्रिया की देखरेख के लिए, अदालत ने एक आधिकारिक परिसमापक (Official Liquidator) नियुक्त किया है। यह ज़िम्मेदारी भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के पूर्व मुख्य महाप्रबंधक गिरिकुमार एम. नायर को सौंपी गई है।
केंद्रीय बैंक के मुताबिक, श्री नायर 8 जुलाई, 2026 से ही बैंक के निदेशक मंडल (Board of Directors) की सभी शक्तियों का इस्तेमाल कर रहे हैं। अब बैंक के संचालन और परिसमापन से जुड़े सभी फैसले वही लेंगे। उन्हें संबंधित कानूनों के तहत सभी आवश्यक अधिकार भी दिए गए हैं।
लाइसेंस रद्द होने से समापन तक
यह घटनाक्रम अप्रैल 2026 में आरबीआई द्वारा पेटीएम पेमेंट्स बैंक का बैंकिंग लाइसेंस रद्द करने के बाद हुआ है। उस समय केंद्रीय बैंक ने कहा था कि बैंक लगातार नियामकीय मानकों का पालन करने में विफल रहा और उसका कामकाज जमाकर्ताओं के हितों के लिए हानिकारक पाया गया था। लाइसेंस रद्द करने के साथ ही आरबीआई ने यह भी घोषणा की थी कि वह बैंक को बंद करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू करने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाएगा।
इनपुट: IANS



