डोनाल्ड ट्रंप ने किम जोंग-उन संग पुरानी तस्वीर साझा की, अच्छे संबंधों का फिर दिया संकेत
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन के साथ अपनी एक पुरानी तस्वीर साझा कर एक बार फिर दोनों के बीच अच्छे संबंधों को रेखांकित किया है। समाचार एजेंसी IANS के…
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन के साथ अपनी एक पुरानी तस्वीर साझा कर एक बार फिर दोनों के बीच अच्छे संबंधों को रेखांकित किया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, ट्रंप ने यह तस्वीर शनिवार को अपने ट्रुथ सोशल अकाउंट पर पोस्ट की, जिसके बाद उनकी व्यक्तिगत कूटनीति को फिर से सक्रिय करने की अटकलें तेज हो गई हैं।
ट्रंप द्वारा साझा की गई यह तस्वीर जून 2019 में दोनों नेताओं की पनमुनजोम में हुई ऐतिहासिक मुलाकात की है। इस पोस्ट में उन्होंने लिखा, "इस तस्वीर में दोनों के भाव भले ही कुछ अलग नजर आ रहे हों, लेकिन ऐसी कई अन्य तस्वीरें हैं जिनमें वे मुस्कुराते हुए दिखाई देते हैं।" उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वे और किम "बहुत अच्छे से मिलते हैं।"
मुलाकातों का इतिहास और वर्तमान संकेत
यह तस्वीर उस समय सामने आई है जब ट्रंप प्रशासन लगातार यह संकेत दे रहा है कि राष्ट्रपति किम के साथ बिना किसी पूर्व शर्त के बातचीत के लिए तैयार हैं। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि प्योंगयांग इस प्रस्ताव पर कैसी प्रतिक्रिया देगा। इससे पहले ट्रंप और किम के बीच तीन बार मुलाकात हो चुकी है। पहली ऐतिहासिक वार्ता जून 2018 में सिंगापुर में, दूसरी फरवरी 2019 में वियतनाम के हनोई में और तीसरी जून 2019 में पनमुनजोम में हुई थी। हनोई वार्ता बिना किसी समझौते के समाप्त हो गई थी, लेकिन पनमुनजोम में ट्रंप सैन्य सीमांकन रेखा पार कर उत्तर कोरिया की धरती पर कदम रखने वाले पहले पदासीन अमेरिकी राष्ट्रपति बने थे।
विशेषज्ञों की राय और चुनौतियां
योनहाप न्यूज एजेंसी ने विशेषज्ञों के हवाले से कहा है कि भविष्य में ट्रंप और किम के बीच एक और शिखर वार्ता की संभावना बन सकती है। ट्रंप का हाल के महीनों में किम के साथ पुरानी तस्वीरें साझा करना, जैसे जून में भी उन्होंने सिंगापुर मुलाकात की एक तस्वीर पोस्ट की थी, इन अटकलों को और बल देता है। हालांकि, उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम, अमेरिकी प्रतिबंध और रूस के साथ प्योंगयांग के बढ़ते सैन्य, कूटनीतिक और आर्थिक संबंध किसी भी नई बातचीत की राह में महत्वपूर्ण चुनौतियां पेश करते हैं।
इनपुट: IANS



