रविवार, 16 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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LPG आपूर्ति की सुरक्षा बढ़ी: सरकार ने पहली बार रिफाइनरियों के लिए तय किए उत्पादन लक्ष्य

भारत में रसोई गैस (LPG) की आपूर्ति को लेकर भविष्य में किसी भी तरह के संकट से बचने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, सरकार ने देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबू…

LPG आपूर्ति की सुरक्षा बढ़ी: सरकार ने पहली बार रिफाइनरियों के लिए तय किए उत्पादन लक्ष्य
(फोटो: IANS)

भारत में रसोई गैस (LPG) की आपूर्ति को लेकर भविष्य में किसी भी तरह के संकट से बचने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, सरकार ने देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के इरादे से पहली बार सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की सभी रिफाइनरियों और तेल उत्पादक कंपनियों के लिए LPG उत्पादन का एक निश्चित लक्ष्य तय कर दिया है।

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इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य आयातित गैस पर देश की भारी निर्भरता से जुड़े जोखिमों को कम करना है। हाल ही में पश्चिम एशिया में हुए संघर्ष के दौरान भारत को LPG की आपूर्ति में बाधा का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद यह कदम उठाया गया है। भारत अपनी कुल LPG जरूरत का 64% से अधिक हिस्सा आयात करता है, जिसका बड़ा भाग होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के रास्ते आता है।

क्यों पड़ी इस कदम की ज़रूरत?

भारत में हर साल लगभग 3.32 करोड़ टन (यानी करीब 91,000 टन प्रतिदिन) LPG की खपत होती है। इसके मुकाबले, देश में घरेलू उत्पादन केवल 1.31 करोड़ टन है। इस साल की शुरुआत में ईरान से जुड़े संकट के कारण जब होर्मुज के रास्ते जहाजों की आवाजाही में रुकावट आई, तो सरकार को आपातकालीन उपाय करने पड़े थे।

उस समय रिफाइनरियों को पेट्रोकेमिकल के लिए इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल को LPG बनाने में लगाने का निर्देश दिया गया था। साथ ही, औद्योगिक और व्यावसायिक उपभोक्ताओं को LPG की आपूर्ति भी सीमित की गई थी। उस संकट के दौरान घरेलू उत्पादन को बढ़ाकर करीब 55,000 टन प्रतिदिन तक ले जाया गया था।

क्या है नई स्थायी व्यवस्था?

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के नए आदेश के तहत अब एक स्थायी ढांचा तैयार किया गया है। इसके अंतर्गत 21 रिफाइनरियों और अपस्ट्रीम कंपनियों (तेल और गैस निकालने वाली कंपनियां) के लिए एक संभावित उत्पादन क्षमता तय की गई है, जो 63,810 टन प्रतिदिन है। यह भारत की रोज़ाना की खपत का लगभग 70% है।

अब सरकार जब भी महसूस करेगी कि बाज़ार में गैस की पर्याप्त उपलब्धता और वितरण सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त उत्पादन की ज़रूरत है, तो वह इस व्यवस्था को सक्रिय कर सकती है। इस कार्यक्रम के तहत, देश की 18 सार्वजनिक क्षेत्र की रिफाइनरियों के लिए कुल 31,470 टन प्रतिदिन LPG उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।

इनपुट: IANS

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