कोरियाई युद्ध समाप्त करने के प्रस्ताव पर उत्तर कोरिया की चुप्पी, दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ने की थी बातचीत की पेशकश
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग द्वारा 1950-53 के कोरियाई युद्ध को औपचारिक रूप से समाप्त करने और स्थायी शांति स्थापित करने के लिए की गई बातचीत की पेशकश पर उत्तर कोरिया ने अब तक कोई…
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग द्वारा 1950-53 के कोरियाई युद्ध को औपचारिक रूप से समाप्त करने और स्थायी शांति स्थापित करने के लिए की गई बातचीत की पेशकश पर उत्तर कोरिया ने अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति ली ने यह प्रस्ताव शनिवार को देश के मुक्ति दिवस के अवसर पर अपने संबोधन में दिया था, लेकिन रविवार सुबह तक प्योंगयांग के सरकारी मीडिया ने इस पर चुप्पी साधे रखी।
ली ने अपने संबोधन में दोनों देशों से लंबे समय से चले आ रहे टकराव को खत्म कर शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की दिशा में काम करने का आग्रह किया था। उन्होंने कहा, "आइए हम धमकी या एक दूसरे को चेतावनी देने से बचते हैं और बातचीत के जरिए लंबे समय से चले आ रहे युद्ध पर विराम लगाते हैं।"
शांति संधि की दशकों पुरानी कोशिश
कोरियाई प्रायद्वीप में युद्ध 1953 में एक युद्धविराम समझौते के साथ रुका था, लेकिन दोनों देशों के बीच आज तक कोई औपचारिक शांति संधि नहीं हुई है। इस वजह से, तकनीकी रूप से उत्तर और दक्षिण कोरिया अब भी युद्ध की स्थिति में हैं। युद्ध को आधिकारिक तौर पर खत्म करने के लिए एक शांति समझौता करना क्षेत्रीय कूटनीति का एक प्रमुख और पुराना मुद्दा रहा है।
प्योंगयांग का ठंडा रुख
यह प्रस्ताव ऐसे समय में आया है जब ली का प्रशासन उत्तर कोरिया के साथ तनाव कम करने और संवाद बहाल करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। हालांकि, प्योंगयांग ने अब तक सोल की मेल-मिलाप की कई कोशिशों पर कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं दी है और हाल के वर्षों में अपना रुख और भी कड़ा कर लिया है। उत्तर कोरिया के सरकारी मीडिया, जैसे कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) और रोडोंग सिनमुन, ने ली के संबोधन के बजाय जापानी औपनिवेशिक शासन से कोरिया की मुक्ति की 81वीं वर्षगांठ से जुड़े कार्यक्रमों को ही प्राथमिकता दी। दक्षिण कोरियाई सरकार का कहना है कि वह बातचीत की कोशिशें जारी रखेगी।
इनपुट: IANS



